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Pilibhit News: बाग कटान की अनुमति निरस्त, डीएम ने बैठाई जांच

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Permission to cut orchards cancelled, DM sets up inquiry

बाग में कटे पड़े पेड़ । संवाद

पीलीभीत। ग्रीन बेल्ट इलाके की निरंजनकुंज काॅलोनी से रातों-रात आम का बाग काटने के मामले में डीएम ने बृहस्पतिवार को कटान की अनुमति निरस्त कर दी। डीएफओ को खरी-खोटी सुनाते हुए जांच बैठा दी। पूरे मामले में सामाजिक वानिकी के पूर्व डीएफओ और उद्यान निरीक्षक की भूमिका को संदिग्ध माना है। जांच के लिए दो सदस्यीय जांच टीम का गठन भी कर दिया है। जांच अधिकारियों को स्थलीय और अभिलेखीय जांच कर दो दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैैं।

मंगलवार की रात से निरंजनकुंज कॉलोनी में कुछ लोगों ने वहां हरे-भरे आम के बाग का सफाया करना शुरू कर दिया था। रात में ही कुछ लोगों ने डीएम सहित कई अधिकारियों को शिकायत की थी। इसके बाद भी कटान जारी रहा था। बुधवार सुबह मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया था। सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह ने जेई को भेजा था। मौके पर काम को बंद करा दिया गया।

इधर, जांच होने के बाद रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट ने डीएम को भेज दी। जांच रिपोर्ट को देखने के बाद डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने ग्रीन बेल्ट की जमीन पर बाग का कटान अवैध करार देते हुए इसकी अनुमति निरस्त कर दी। साथ ही कटान की अनुमति देने में पूर्व डीएफओ संजीव कुमार और उद्यान निरीक्षक की भूमिका को संदिग्ध माना है। अब दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया। इसमें टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल और सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह को रखा गया है। दोनों अधिकारियों से दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।

डीएफओ बोले- कलमी पेड़ थे काटने में कोई दिक्कत नहीं

हरे भरे बाग के कटान को लेकर अनुमति पूर्व डीएफओ की ओर से दी गई थी। इसको लेकर जब बृहस्पतिवार को डीएम ने नवागत डीएफओ आरके सिंह को बुलाया तो वह तत्कालीन डीएफओ का ही पक्ष लेने लगे। उन्होंने कहा कि कलमी पेड़ थे, इनको काटने में कोई दिक्कत नहीं है। यह सुनकर डीएम ने कहा कि तत्कालीन डीएफओ का पक्ष लेने आए हो या सच्चाई बताने। डीएम ने डीएफओ को खरी-खरी सुनाते हुए बाहर भेज दिया।

गन्ना राज्यमंत्री के फोन पर दौड़े अधिकारी

बाग के कटान व वहां प्लाॅटिंग को लेकर काफी समय से तैयारियां चल रही थीं। नींव भरने को सैकड़ों ईंटें पूर्व में मंगवा ली गई थीं। शिकायत के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे थे। बुधवार को मामला गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार के पास पहुंचा। उन्होंने डीएम व सिटी मजिस्ट्रेट को फोन करके नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद अधिकारी दौड़े और कटान रुकवाया।

शहर में ही हरे भरे बाग को काटा जा रहा था। डीएम को फोन करके इस मामले में कार्रवाई के लिए कहा गया है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। – संजय गंगवार, गन्ना राज्यमंत्री


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