Shahjahanpur News: गंगा का जलस्तर बढ़ने से ढाईघाट का कांवड़ मेलास्थल जलमग्न

कोलाघाट में पूरे उफान पर रामगंगा नदी
मिर्जापुर। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में हुई भारी बारिश से गंगा-रामगंगा नदियों का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। दोनों नदियों का बहाव क्षेत्र अधिक होने के कारण अभी बाढ़ जैसे हालत नहीं हैं। फिर भी तटवर्ती गांवों के बाशिंदों को बाढ़ का भय सताने लगा है।
शनिवार तक तक सूखी पड़ी रामगंगा सोमवार को पूरे उफान पर पहुंच गई है। तटवर्ती ग्राम मौजमपुर, पहरुआ, हरिहरपुर, कुनिया, पहाड़पुर-चिकटिया, कीलापुर आदि गांवों की तलहटी पूरी तरह बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गई है। उधर, गंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने के कारण ढाईघाट में कांवड़ मेलास्थल जलमग्न हो गया है।
जिला पंचायत के मेला बाबू अनिल द्विवेदी और शंकरसरन गुप्ता ने अपने टेंट पीछे हटा लिए हैं। मेले में कांवड़ियों की सुविधा के लिए लगाए गए चार हैंडपंप बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए है। मेला मार्ग से गंगातट तक बनाई गई बिजली की लाइन भी बाढ़ में ध्वस्त हो गई है।
कोलाघाट पुल ट्रैक्टर-ट्रालियों और चार पहिया वाहनों के लिए बंद होने से जलालाबाद की ओर से आने वाले दूरदराज के कांवड़ियों के वाहन नहीं निकलने से ढाईघाट कांवड़ भरने आने वाले कांवड़ियों की संख्या भी बहुत कम है। गंगा की बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित होने वाले आजाद नगर, इस्लाम नगर, फर्रुखाबाद जिले में आने वाले ग्राम कमथरी, चितार आदि के बाशिंदे बाढ़ से बचने के लिए जरुरी इंतजाम करने लगे हैं। फिलहाल प्रशासन ने तटवर्ती गांवों के बाशिंदों को अभी तक अलर्ट तक नहीं किया है।
बैराजों से अब भी छोड़ा जा रहा गर्रा और गंगा में पानी
– अगले दो-तीन दिन में और बढ़ सकता है जलस्तर, बाढ़ चौकियां सतर्क की गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। गंगा, गर्रा और रामगंगा में अब भी बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे सभी नदियां उफनाईं चल रहीं हैं। अलगे एक-दो दिन में सभी नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है।
रविवार को गर्रा नदी का जलस्तर 143.90 गेज पर था, जो कि सोमवार को 144.90 गेज हो गया। गंगा नदी भैंसार ढाई घाट तटबंध पर रविवार को 142.30 गेज पर भी थी, जो कि सोमवार को थोड़ा बढ़कर 142.40 गेज पहुंच गई। रामगंगा नदी का जलस्तर रविवार को 160.120 गेज पर था, जो कि सोमवार को थोड़ा घटकर 160.09 गेज रह गया। खन्नौत नदी का जलस्तर रविवार की तरह सोमवार को भी 143 गेज पर स्थिर रहा।
लगातार हो रही बारिश भी डाल रही जलस्तर पर प्रभाव
गंगा नदी में नरौरा बैराज से 31900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा नदी में हरवेली बैराज, खो बैराज, फीका बैराज, ढेला बैराज, लालपुर बैराज से कुल 22890 क्यूसेक छोड़ा गया है। दियूनी गैराज से गर्रा नदी में 5304 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। संभावना जताई गई है कि दो से तीन के अंदर बैराजों से छोड़ा गया पानी जिले की नदियों में प्रवेश कर जाएगा। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ेगा। लगातार हो रही बारिश से भी नदियों के जलस्तर पर प्रभाव पड़ेगा। बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से पहले से अलर्ट जारी किया जा चुका है। बाढ़ चौकियों की सतर्कता बढ़ाई गई है।
फिलहाल नदियों का जलस्तर सामान्य है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अलर्ट पहले से ही जारी किया हुआ है। बैराजों से छोड़े गए पानी से नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
– सुनील कुमार भाष्कर, प्रभारी अधिकारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष, शारदा नहर खंड
अरिल नदी की बाढ़ से कई गांव का कलान से संपर्क कटा
शाहजहांपुर। गंगा के जलस्तर में वृद्धि से गंगा की सहायक अरिल नदी उफान पर आ गई है। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे से ग्राम बाराकलां-परौर संपर्क मार्ग पर ग्राम धर्मपुर गणेशपुर के समीप पुलिया के ऊपर पर बाढ़ का पानी तीन फुट से अधिक गहराई में बह रहा है। जिससे लगभग एक दर्जन गांवों का संपर्क कलान तहसील मुख्यालय से कट गया है। बाढ़ के पानी के तेज बहाव से पक्का मार्ग भी कई जगह वह गया है। जिससे ग्राम गनेशपुर, धंजी नगला, औला, पूरन नगला, उल्हैता नगला, आनंदी नगला आदि गांवों के बाशिंदों को बाढ़ के तेज बहाव से होकर कलान ब्लॉक और तहसील मुख्यालय जाना आना हो रहा है।
ग्राम गनेशपुर निवासी कमलेश यादव, विजय बहादुर, रामबाबू, अखिलेश, ब्रजेश यादव आदि का कहना है कि अचानक किसी के बीमार हो जाने पर ग्रामीणों को मार्ग पर तेजी से वह रहे बाढ़ के पानी से निकलकर ले जाना जान जोखिम में डालना है। लेकिन मजबूरी में उन्हें तेज बहाव से होकर निकलना पड़ रहा है। संवाद

कोलाघाट में पूरे उफान पर रामगंगा नदी

