Bareilly News: मुख्य सेविकाओं के 89 पद खाली… नहीं हो रही आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी
बरेली। बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण और निगरानी के लिए प्रत्येक 25 केंद्र पर एक सुपरवाइजर (मुख्य सेविका) का पद स्वीकृत है। जिले में मानक के हिसाब से 104 सुपरवाइजर होने चाहिए पर 89 पद खाली हैं। सिर्फ 15 सुपरवाइजर तैनात हैं।
2,857 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 3,52,223 लाभार्थियों को पोषण संबंधी सेवाओं का लाभ सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सुपरवाइजर की होती है। पद खाली होने से निगरानी कागजों पर हो रही है। बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबीरानी मौर्य आई थीं तो उनके सामने भी बेहतर सेवाओं का दावा कर अधिकारियों ने अपनी पीठ थपथपाई थी, लेकिन मंत्री इससे संतुष्ट नहीं हुईं। सुधार के निर्देश देकर गई थीं।
मझगवां और फरीदपुर विकास खंड में एक भी सुपरवाइजर नहीं
मझगवां और फरीदपुर विकास खंड में एक भी सुपरवाइजर नहीं हैं। जून में जिले में 21 सुपरवाइजर थीं, लेकिन पांच दूसरे जनपदों को स्थानांतरित हो गईं। एक सेवानिवृत हुईं तो 15 ही रह गईं। विभागीय जानकारी के मुताबिक 2005 से नियुक्तियां नहीं हुईं और साल दर साल सेवानिवृत्त होने से संख्या घटती रही। इस बीच लाभार्थी संख्या बढ़ी। इसलिए निगरानी की जरूरत ज्यादा थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
शून्य से छह महीने व 3-6 वर्ष तक तक के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषाहार दिया जाता है। मुख्य सेविका को प्रतिमाह 15 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना होता है। मुख्य सेविकाएं कम होने से एक सेविका पर 25 से अधिक केंद्रों की जिम्मेदारी है। इसलिए कागजी काम को बढ़ावा मिल रहा है। जमीनी हकीकत परखने के लिए निरीक्षण न के बराबर हैं।
रिक्त पदों की सूचना शासन को प्रतिमाह भेजी जाती है। भर्ती शासन स्तर से ही होनी है। मैं उपलब्ध मुख्य सेविकाओं को अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर बेहतर तरीके से सेवाएं देने का प्रयास कर रहा हूं। – कृष्ण चंद्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी


