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Shahjahanpur News: सुधार की काम सुस्त…टूटे खंभे, लटकते तार, व्यवस्था तार-तार

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रीवैम्प योजना के तहत निर्माण का कार्य काफी धीमा, पटरी पर नहीं आ रही व्यवस्था

संवाद न्यूज एजेंसी

शाहजहांपुर। रीवैम्प योजना के तहत 165 करोड़ रुपये खर्च कर बिजली के नेटवर्क को पटरी पर लाने के लिए शुरू किया काम काफी सुस्त गति से हो रहा है। बिजली का सामान नहीं आने के चलते हालात नहीं सुधर पा रहे। नगर से लेकर देहात तक बिजली के पोल झुके व टूटे हुए हैं। लो-वोल्टेज की समस्या भी खत्म नहीं हो रही है। अधिकारियों का दावा है कि तय समय तक काम को पूर्ण करा लिया जाएगा।

जिले का बिजली नेटवर्क दिन पर दिन बदतर स्थिति में जा रहा है। हल्की-सी हवा चलने पर तार टूटना और लंबे समय तक बिजली गुल रहना आम बात हो गई है। बिजली के नेटवर्क को दुरस्त करने के लिए रीवैम्प योजना को शुरू किया गया था। इसके पहले चरण में 165 करोड़ रुपये से काम प्रस्तावित थे।

पुवायां, तिलहर, जलालाबाद व नगरीय क्षेत्र में रीवैम्प के तहत काम शुरू हुआ, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। नगरीय क्षेत्र की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। मुख्य मार्गों पर बिजली के तार नीचे की ओर झूल रहे हैं। तार जर्जर और पोल झुके हुए हैं। ट्रांसफार्मर लोड नहीं ले पा रहे हैं। इस वजह से लोग काफी ज्यादा परेशान हैं।

रीवैम्प योजना के नाम पर यूनिवर्सल कंपनी ने पिछले माह वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना से पूजन कराने के बाद पोल को लगवाया था। उसके बाद योजना के तहत काम कहीं नजर नहीं आ रहा है। एक्सईएन सिटी अरविंद कुमार का कहना है कि काम की प्रगति कुछ धीमी है। बिजली का सामान उपलब्ध नहीं होने के कारण बाधा आ रही है। उम्मीद है कि काम तय समय पर पूर्ण हो जाएगा।

नगर में बदले जाने हैं 1500 पोल

योजना के तहत नगरीय क्षेत्र में करीब 1500 बिजली के पोल बदले जाने हैं। इसी तरह 200 किलोमीटर तक बंच लाइन को बदला जाएगा। बंच लाइन पुरानी होने के चलते आए दिन गर्म होकर टूटकर गिरने से बिजली गुल हो जाती है। 80 किलोमीटर एलटी की लाइन और 200 ट्रांसफांर्मर को भी लगाया जाना है।

मार्च 2024 तक पूर्ण होना है पहले चरण का काम

165 करोड़ की लागत से पहले चरण का काम मार्च 2024 तक पूर्ण किया जाना है। मैटेरियल नहीं मिलने के कारण कार्य तय समय पर पूर्ण होना संभव नहीं लग रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने 20 प्रतिशत तक काम पूर्ण होने का दावा किया है।

12 नए उपकेंद्रों को बनाने की तैयारी, जमीन की तलाश शुरू

योजना के दूसरे चरण में बिजली के नेटवर्क को मजबूत करने के लिए ग्रामीण स्तर पर 12 नए उपकेंद्रों को बनाया जाना है। इसमें पुवायां के मुड़िया कुर्मियात और भूड़ गांव में विद्युत उपकेंद्र बनेगा। इसी तरह जमौर औद्योगिक क्षेत्र व बरतारा के पास उपकेंद्र बनना है। इसी तरह गढि़यारंगीन, परौर, सुजावलपुर, खजुरी में उपकेंद्र बनेगा। सभी उपकेंद्र पर पांच से दस एमवीए का ट्रांसफार्मर रखकर आपूर्ति दी जाएगी।

ये भी होने हैं काम

– 36,000 बिजली के पोल को बदला जाना है।

– 1760 किलोमीटर तक बंच लाइन को डाला जाएगा

– 150 किलोमीटर 33 केवीए लाइन बनाने का प्रस्ताव है।

– 400 किलोमीटर 11 केवीए की लाइन को बनाया जाएगा।

रीवैम्प योजना के तहत पुवायां, जलालाबाद, तिलहर में काम चल रहा है। मार्च 2024 तक कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा। योजना के तहत बिजली का नेटवर्क मजबूत हो जाएगा।

– जेपी वर्मा, अधीक्षण अभियंता


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