Pilibhit News: अब दुधवा की टीम करेगी बांसखेड़ा से भागे बाघ को ट्रैंक्युलाइज
पीलीभीत। बांसखेड़ा से भागे बाघ को पकड़ने में अब दुधवा नेशनल पार्क की टीम की मदद ली जाएगी। टाइगर रिजर्व के अफसरों ने इसके लिए दुधवा के फील्ड डायरेक्टर को पत्र भेजा है। इसमें पशु चिकित्सक और ट्रैंकुलाइज एक्सपर्ट को भेजना का अनुरोध किया गया है। दरअसल, पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम दो बार डाॅट मारने के बाद भी बाघ को बेहोश नहीं कर सकी थी। बाघ सात दिन तक आम के बाग में डेरा जमाए रहने के बाद जाल के नीचे से निकलकर भाग गया था।
माला रेंज के गांव बांसखेड़ा में कई दिनों से बाघ का आतंक है। बाघ की खेतों और आबादी वाले क्षेत्र में चहलकदमी से ग्रामीण भयभीत हैं। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार ने दो बार डाॅट मारा था। इसके बाद भी बाघ बेहोश नहीं हो सका। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने माधोटांडा-पीलीभीत रोड पर जाम भी लगाया था। जाम लगाने के बाद ग्रामीणों को रामपुर के डीएफओ को बाघ को पकड़ने के लिए बुलाने का आश्वासन दिया गया।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निपट जाने के बाद रामपुर के डीएफओ भी चले गए। अब बताया जा रहा है कि वह बाघ को ट्रैंक्युलाइज करने के लिए नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की वजह से आए थे। कहने को तो वन विभाग की टीम सुरक्षा और बाघ की निगरानी में लगी है, लेकिन ग्रामीण अब भी दहशत में हैं। वे खेतों की ओर जाने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
वन विभाग का दावा है कि बाघ की लोकेशन नहीं मिली है, लेकिन बाघ वहीं आसपास रहकर पशुओं को मार रहा है। टाइगर रिजर्व के एक्सपर्ट के असफल होने पर अब बाघ को ट्रैंक्युलाइज करने के लिए दुधवा की टीम भेजने के लिए वहां के फील्ड डायरेक्टर को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि दुधवा के पशु चिकित्सक एवं एक्सपर्ट डॉ. दयाशंकर को उनकी चार सदस्यीय टीम के साथ भेजा जाए ताकि बाघ को पकड़ा जा सके। ऐसे में स्थानीय वन अधिकारी मात्र निगरानी करने तक ही सीमित रह गए हैं।
दुधवा की टीम और एक्सपर्ट को यहां बुलाया जाएगा। इसके लिए पत्राचार किया गया है। मौके पर टीम लगी है। बाघ के गन्ने के खेत में छिपे होने की आशंका है। उसकी सटीक लोकेशन नहीं मिल पा रही है। – संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग

