Budaun News: फैजगंज बेहटा थाने के सामने प्रदर्शन, पीड़ितों से धक्कामुक्की

फैजगंज बेहटा थाने के सामने आरोपियों पर कार्यवाही की मांग करते छात्र के परिजन। संवाद
बिसौली/आसफपुर (बदायूं)। मुड़िया धुरेकी में छात्र के अपहरण और हत्या के मामले में परिवार वालों ने रविवार दोपहर फैजगंज बेहटा थाने के सामने प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि पुलिस छात्र की हत्या में शामिल दो आरोपियों को बचा रही है। पुलिस केवल शाहरुख को आरोपी मान रही है। प्रदर्शन के दौरान थाना पुलिस और एसओ पर धक्कामुक्की का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह एसएसपी से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के कस्बा मुड़िया धुरेकी निवासी कक्षा तीन के छात्र शारिक (8) की अपहरण के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। 11 अक्तूबर को शारिक अचानक लापता हो गया था। उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी लेकिन जब सद्दीक उनके घर पर आया और उसने छात्र के लापता होने के बारे में बताया तो परिवार वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की थी।
दूसरे दिन अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई लेकिन तब तक उन्हें पता नहीं था कि छात्र को अगवा करने वाले कौन हैं। बृहस्पतिवार दोपहर जब सद्दीक दोबारा उनके घर पर आया और उसने फिरौती की कॉल आने की जानकारी दी। सद्दीक के बताए फोन नंबर पर कॉल की तो पता लगा कि वह उसके बेटे शाहरुख का है। पुलिस ने सद्दीक और उसके बेटे शाहरुख को पकड़कर पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर छात्र का शव भी बरामद किया। बावजूद पुलिस ने न तो सद्दीक के खिलाफ कार्रवाई की और न ही उसके छोटे बेटे पर। जबकि तीनों पिता-पुत्रों ने मिलकर शारिक का अपहरण और उसकी हत्या की थी लेकिन पुलिस केवल शाहरुख को ही दोषी मान रही है।
रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे परिवार वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर सद्दीक और उसके छोटे बेटे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर फैजगंज बेहटा थाने के सामने मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर बैठ गए। यह देख एसओ सिद्धांत शर्मा और तमाम पुलिस कर्मी बाहर निकल आए। परिवार वालों का आरोप है कि एसओ और थाना पुलिस ने हाईवे से हटाने के लिए उनसे धक्कामुक्की की। उन्हें जबरन हाईवे से हटाकर धकेलते हुए थाने की तरफ कर दिया। बाद में उनसे कहा कि ऐसे प्रदर्शन करने से कुछ नहीं होने वाला। पुलिस सब घर को जेल नहीं भेजेगी।
हालांकि बाद में थाना पुलिस उन्हें समझाकर अंदर ले गई। वहां कुछ लोगों को बैठाकर पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन परिवार वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े। करीब डेढ़ घंटे तक परिवार वाले थाने पर रहे। बाद में अपने घर चले आए।
पिता बोले- तीन लोगों ने किया अपराध, पुलिस ने एक को जेल भेजा : शारिक के पिता जुल्फकार का कहना है कि उसका अपहरण करके सद्दीक ले गया था और फिरौती मांगने वाला उसका छोटा बेटा था। आरोपी उनके पड़ोस में रहते हैं। वह सभी को अच्छी तरह जानते हैं और आवाज भी पहचानते हैं। उन्होंने फिरौती मांगने वाले उसके छोटे बेटे की भी आवाज पहचान ली थी तब से वो भी लापता है। इन सभी लोगों ने फिरौती की रकम लेने के लिए छात्र का अपहरण किया था और बाद में उसकी हत्या कर दी लेकिन थाना पुलिस केवल शाहरुख के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उसके पिता और भाई का अपराध भी उसी पर मढ़ रही है।
परिवार वालों के सवाल
– सद्दीक उन्हें छात्र के लापता होने की जानकारी देने किस आधार पर आया था
– फिरौती की कॉल सद्दीक के मोबाइल पर ही क्यों आई
– सद्दीक ने अपने बेटे के ही नंबर को पहचानने से क्यों इन्कार किया था
– जानकारी होने पर परिवार वाले भागने क्यों लगे थे
– अगर सद्दीक आरोपी नहीं तो पुलिस उसे थाने में क्यों बैठाए है
– आरोपियों की कॉल डिटेल और लोकेशन क्यों नहीं बता रही पुलिस
– फिरौती की रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने के बावजूद क्यों नहीं मान रही पुलिस
केवल एक आरोपी ने किया है जुर्म : एसओ सिद्धांत शर्मा का कहना है कि एक आरोपी ने जुर्म किया था। उसकी सजा पूरे परिवार को नहीं मिलनी चाहिए। अगर वास्तव में उनकी बात सही है तो विवेचना में सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। फिर उसके हिसाब से कार्रवाई होगी। परिवार वालों को हाईवे से हटाया गया था। उनसे धक्कामुक्की नहीं की गई। परिवार वालों को आश्वासन दिया है कि इसमें सही कार्रवाई होगी।

फैजगंज बेहटा थाने के सामने आरोपियों पर कार्यवाही की मांग करते छात्र के परिजन। संवाद


