Budaun News: एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा

थाना सिविल लाइंस में लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई करती एंटी करप्शन टीम (गुलाबी शर्ट में अंगोछा डाले
बदायूं/वजीरगंज। वजीरगंज इलाके में तैनात लेखपाल आदित्य कुमार तोमर बृहस्पतिवार को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। वह काफी समय से एक किसान से जमीन की नपत करने के लिए 50 हजार रुपये मांग रहा था। परेशान किसान ने जानकारी एंटी करप्शन टीम को दी। टीम ने सुबह नौ बजे घेराबंदी कर दी और लेखपाल को रंगेहाथ धर दबोचा। टीम के इंस्पेक्टर प्रवीन सानियाल की ओर से सिविल लाइंस पुलिस ने लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मामला बिसौली तहसील क्षेत्र के गांव मकरंदपुर का है। यहां के लक्ष्मण पुत्र गोविंद के मुताबिक- वह तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। उसके तीनों भाइयों और चचेरे-तहेरे भाइयों समेत परिवार के 14 लोगों के नाम करीब 11 बीघा खेत था। उसमें से करीब पांच बीघा खेत गंगा एक्सप्रेस-वे में चला गया। उसमें जिसका जितना हिस्सा था उसके हिसाब से सभी को पैसा मिला, लेकिन मौके के हिसाब से गंगा एक्सप्रेस-वे में लक्ष्मण और उसके भाइयों का ज्यादा खेत चला गया था। उसके अनुसार उन्हें पैसा नहीं मिला था और न ही खेत। इससे लक्ष्मण काफी समय से खेत की नपत कराने की मांग कर रहा था तो वहीं रिश्वत के चक्कर में लेखपाल खेत की नपत नहीं कर रहा था।
लक्ष्मण ने एसडीएम से लेकर डीएम से भी गुहार लगाई थी। थकहार कर लक्ष्मण, उसके भाई रामभरोसे और भतीजा वजीरगंज कस्बे में लेखपाल से आकर मिले। उसके कमरे पर 50 हजार में जमीन की नपत करने का सौदा हुआ। इसके बाद लक्ष्मण और उसके भाई ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया।
तय समय के अनुसार, तीनों लोग बृहस्पतिवार की सुबह करीब नौ बजे लेखपाल के कमरे पर पहुंचे। उन्होंने एंटी करप्शन टीम द्वारा दिए गए पांच हजार रुपये लेखपाल को दे दिए। लेखपाल ने रुपये गिनकर अपने साथ काम कर रहे व्यक्ति को दे दिए। तभी एंटी करप्शन टीम के सीओ श्याम बहादुर, इंस्पेक्टर रामलाल पांडेय अैर इंस्पेक्टर प्रवीन सानियाल दस सदस्यीय टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने तुरंत लेखपाल और उसके साथ मौजूद व्यक्ति को पकड़ लिया। उन्हें सिविल लाइंस थाने लाकर हाथ धुलवाए। जहां दोनों के हाथ लाल रंग से रंग गए। लेखपाल के साथी का ज्यादा रोल नहीं था। इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। इंस्पेक्टर प्रवीन सानियाल की ओर से दी गई फर्द के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। फिलहाल लेखपाल टीम की हिरासत में है। उसे जेल भेजने की तैयारी चल रही है।
डीएम और एसडीएम के आदेश भी ठुकरा चुका था लेखपाल
आरोपी लेखपाल केवल लक्ष्मण की जमीन की नपत ही नहीं कर रहा था, बल्कि वह डीएम और एसडीएम के आदेश भी ठुकरा चुका था। उसके नपत न करने पर लक्ष्मण ने डीएम और एसडीएम से नपत कराने की गुहार लगाई थी। इस पर दोनों अधिकारियों ने नपत कराने के अलग-अलग समय पर आदेश दिए थे। फिर भी लेखपाल ने नपत नहीं की। लक्ष्मण के मुताबिक, लेखपाल करीब दो साल से परेशान कर रहा था।
लेखपाल का सहयोगी करता
था सभी लेन-देन का सौदा
बृहस्पतिवार की सुबह लेखपाल के साथ पकड़ा गया व्यक्ति किसानों से लेन-देन का सौदा करता था। वह वजीरगंज क्षेत्र के गांव बेहटरा का रहने वाला है। इसमें मकरंदपुर के एक व्यक्ति का भी नाम सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि गंगा एक्सप्रेस-वे को जितने भी खेतों के बैनामे हुए हैं। उनमें मकरंदपुर का व्यक्ति साथ जाता था। वह किसानों से कमीशन लेता था।
लेखपाल के संबंध में लक्ष्मण ने एक दिन पहले सूचना दी थी। लेखपाल ने उसे बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे बुलाया था। हमारी टीम उससे पहले वजीरगंज पहुंच गई। फिर हमने लक्ष्मण को पांच हजार रुपये दिए थे। उन्होंने लेखपाल को वही रुपये दिए। उससे कहा कि वह और रुपयों का जल्दी इंतजाम कर देंगे। तभी हमने उसे मौके पर पकड़ लिया। अब उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
– श्याम बहादुर, सीओ एंटी करप्शन टीम

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