Budaun News: ‘राम का नाम जीवन का परिणाम है’

जिला करागार में कवि सम्मेलन में मौजूद कवि व अन्य।स्रोत-स्वयं
बदायूं। जिला कारागार में रविवार को उत्तर प्रदेश हिंदी प्रचार समिति के तत्वावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक प्रेम स्वरूप पाठक मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार शमशेर बहादुर आंचल ने की।
वरिष्ठ साहित्यकार शमशेर बहादुर ने कहा कि- ख्याली महल चुन लेने से आला कौन होता है, बने गर ढाल खुद ईश्वर तो भला कौन होता है। बड़ा वह है जिसे दुनिया बड़ा समझे, बड़ा बोले, निराला नाम रखने से निराला कौन होता है।
डॉ. नासिर बदायूंनी ने कहा कि जो दिल एहसास का हमिल नहीं है। वह एक पत्थर तो है एक दिल नहीं है।
बिल्सी से आए ओजस्वी जौहरी ने कहा कि ढलने लगी है जिंदगी शाम की तरह। वनवासिनी सी हो गई राम की तरह।
कवि षटवंदन ने कहा कि राम का नाम लव पर सुबह शाम है, राम के नाम से हर सुलभ काम है। राम के नाम का जाप करते रहो, राम का नाम जीवन का परिणाम है।
अचिन मासूम ने कहा कि काव्य पथ का मैं पथिक शब्दों से है बंधन मेरा, शब्द पर सर्वस्व अर्पित शब्द ही जीवन मेरा। शब्द ही निष्काम पागल प्रेमी का आधार है, शब्द ही तो राधिका है शब्द ही मोहन मेरा।
हर्षवर्धन मिश्रा ने कहा कि हर्ष छुट्टी से संभलती बात जब, बोलकर फिर यह लड़ाई क्यूं करें।
बिल्सी के विष्णु असावा ने कहा कि साक्षी अपनी बेगुनाही का भला क्या दें उन्हें, जो कभी जज्बात मेरे ही समझ पाए नहीं।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने सभी साहित्यकारों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रदीप दुबे, जेलर रणंजय सिंह, कृष्ण गोपाल शर्मा, उप कारापाल कमल चंद, सुरेश पाल आदि मौजूद रहे।


