Pilibhit News: पैंटून पुल 15 से बंद, 30 की जगह 130 किमी का लगाना पड़ेगा चक्कर

शारदा नदी पर से पांटून पुल हटाने की सूचना का लगाया गया फ्लेक्स। संवाद
पीडब्ल्यूडी ने पुल के बैरियर पर सूचना का बोर्ड लगवाया, एक लाख की आबादी होगी प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। शारदा नदी के पार अगर जरूरी काम हो तो जल्दी निपटा लें। नदी पर बने पैंटून पुल से 15 जून की शाम को आवागमन बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद 30 की जगह 130 किलोमीटर का चक्कर लगाकर इधर से उधर जाना पड़ेगा। इस आशय की सूचना पुल के बैरियर पर लगवा दी गई है।
तहसील क्षेत्र के शारदा पार गांवों में आवागमन को शारदा नदी पर हर साल पैंटून पुल बनाया जाता है। बाढ़ की आशंका पर पुल 15 जून को हटाने और शारदा नदी में पानी कम होने पर 15 अक्तूबर को पुल से आवागमन शुरू करना निर्धारित है। पिछले कई सालों से निर्धारित समय से पहले ही पुल हटा लिया जाता था और निर्धारित तिथि के बाद पुल से आवागमन शुरू हो पाता था। पिछले साल तो निर्धारित तारीख 15 अक्तूबर के करीब डेढ़ महीने बाद पुल से आवागमन शुरू हो पाया था।
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एक लाख आबादी को होती है असुविधा
शारदा पार इलाके में ग्राम पंचायत मुरैनिया गांधी, शांतिनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, वमनपुर भागीरथ, रामनगर, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर सहित सोलह ग्राम पंचायतों में करीब एक लाख की आबादी है। बरसात में पैंटून पुल हटने से लोगों को तहसील मुख्यालय आने-जान में भारी असुविधा होती है।
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नावों का नहीं होता संचालन
शारदा नदी से पैंटून पुल हटने से पहले नदी में पानी कम होने पर नदी में नावों का संचालन कराया जाता था। पुल के दोनों ओर पुल के समीप तक बसों का संचालन होता था, लेकिन पिछले कई सालों से पैंटून पुल हटने के बाद नावों का संचालन नहीं कराया जा रहा है।
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बस मालिकों में रोष, दूसरे रूट पर बसें चलवाने की मांग
पूरनपुर टाटरगंज बस यूनियन के अध्यक्ष हाजी लियाकत हुसैन ने बताया कि सालों से पुल से आवागमन निर्धारित समय पर नहीं हो रहा है। पिछले सालों में कई बार निर्धारित समय से पहले ही पुल हटाया गया। बस मालिकों को निर्धारित दूरी तक बसें न चलने पर घाटा होता है। पुल हटने पर अन्य रूटोंं पर बस चलाने की छूट मिलनी चाहिए।
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पैंटून पुल से आवागमन 15 जून की शाम को बंद कर दिया जाएगा। इसकी सूचना पुल के बैरियर पर चस्पा कर दी गई है। नावों के संचालन होना अभी तय नहीं है। इसके लिए उच्च अफसरों से जानकारी की जाएगी।
– उदित नरायन, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी

