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Shahjahanpur News: मानसून की देरी किसानों पर बढ़ाएगी सिंचाई का बोझ

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शाहजहांपुर। मौसम विभाग को आशंका है कि इस बार मानसून निर्धारित समय से 15 से 20 दिन देरी से पहुंचेगा। ऐसे में खरीफ की फसलों की सिंचाई को लेकर किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। किसानों को धान की फसल की सिंचाई करने में खासी दिक्कत होगी। किसानों को सिंचाईं के लिए नलकूपों पर निर्भर रहना होगा। तापमान अधिक होने की वजह से फसल की उपज पर भी असर पड़ेगा।

कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर के प्रभारी डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि किसानों ने समय के हिसाब से धान की पौध तैयार करनी शुरू कर दी है। तेज धूप होने की वजह से पौध में शाम को पानी लगाने की जरूरत है। वरना पौध पीली पड़ जाएगी। जो किसान धान की खेती कर रहे हैं, मानसून में देरी होने की वजह से उन्हें सिंचाई के लिए नलकूपों का सहारा लेना पड़ेगा। यह किसानों के लिए महंगा पड़ेगा।

कृषि बैज्ञानिक डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि इसका फसल की लागत पर असर पड़ेगा। इसके साथ ही जलस्तर पर भी प्रभाव पड़ेगा। मानसून देरी से आने की संभावना है, इसलिए किसानों को चाहिए कि इस समय पर वह मोटे अनाज की फसलें करें। इसमें सिंचाई की कम जरूरत पड़ती है और लागत भी कम आती है। साथ ही मुनाफा भी अधिक होता है।

मानसून के 10 जुलाई तक आने की उम्मीद

कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर के मौसम वैज्ञानिक कुमार आशीर्वाद ने बताया कि करीब 10 जुलाई तक प्रदेश में मानसून आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 13 जून को पांच मिमी और 14 जून को एक मिमी प्रीमानसून बारिश हो सकती है। इसके बाद करीब एक सप्ताह तक बारिश होने की संभावना नहीं है।

तेज धूप और गर्मी कर रही बेहाल

गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक मनमोहन ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री और न्यूनतम 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, रविवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहा था। रविवार के मुकाबले सोमवार को अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि मंगलवार को हवा के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है।


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