Shahjahanpur News: ”बहुत सर्द हो चुके हैं रिश्ते, गुनगुनी धूप खिल जाने दो”


पुवायां में कवि अरविंद पंडित को सम्मानित करते वकील। संवाद
पुवायां। तहसील के बार भवन में सोमवार को साहित्यकार सम्मान और काव्य गोष्ठी का आयोजन कर नव वर्ष मनाया गया। मुख्य अतिथि एसडीएम संजय कुमार पांडे और नायब तहसीदार सगीर अहमद ने काव्य गोष्ठी का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना अधिवक्ता आर्यन श्रीवास ने की।
कवि अरविंद पंडित ने सुनाया, इबारत प्यार की फिर नफरतों पर लिख दो, जरूरत हो सभी की पूर्ण हर इन्कार पर लिख दो। कोई भी दुश्मनी की बात न सोचे जहां में अब, न कोई आसियां जल पाए हर अंगार पर लिख दो।
कवि रामबाबू शुक्ला ने सुनाया, जो बीत गया इतिहास हुआ, मत याद करो बीते पल को। मत याद करो बीती बातें, मत याद करो बीते कल को। कवि प्रदीप वैरागी ने गुनगुनाया, हारकर भी जीत मढ़ते जा रहे हैं, चल रहे अविराम बढ़ते जा रहे हैं।
अधिवक्ता कवि आरएल श्रीवास ने सुनाया, नव वर्ष खड़ा है द्वारे पर इसको अंदर आने दो, बहुत सर्द हो चुके हैं रिश्ते, गुनगुनी धूप खिल जाने दो।
इस अवसर पर बार संघ के अध्यक्ष जयशंकर अवस्थी और महामंत्री प्रभाकर मिश्रा ने कवियों को माल्यार्पण कर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। संचालन विमल श्रीवास्तव और रामबाबू शुक्ला ने किया। गोष्ठी में नायब तहसीलदार अमित कुमार, अरुण सक्सेना, विनय मिश्रा, नीतू वाजपेयी, ओपी मिश्रा, श्रीकांत वाजपेयी, अवनीश सिंह चौहान, राजीव शर्मा, महेश पटेल, जयंत गुप्ता, चंद्रशेखर शुक्ला, सुभाष शुक्ला, विश्वराज सिंह सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।