Budaun News: मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ तो हैं लेकिन पोस्टमार्टम हाउस नहीं
बदायूं। मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम हाउस पूरी तरह नहीं बन पाया है। यहां विशेषज्ञ हैं लेकिन पोस्टमार्टम हाउस न होने के कारण यहां पोस्टमार्टम नहीं हो पाते। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी शहर के पोस्टमार्टम हाउस में बॉडी पर अध्ययन करने के लिए आते हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज को आधी-अधूरी व्यवस्थाओं के बीच शुरू कर दिया गया, लेकिन यहां गंभीर बीमारियों के इलाज से लेकर पोस्टमार्टम तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीजों से लेकर यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में अगर किसी की मौत हो जाती है तो एक दिन पूरा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में ही लग जाता है।
सबसे पहले कॉलेज प्रशासन मेमो सिविल लाइंस थाने भेजता है उसके बाद यहां से संबंधित थाने को अवगत कराया जाता है तब कहीं मृतक का पंचनामा भरा जाता है। इसके बाद मेडिकल कॉलेज से छह किलोमीटर दूर शहर के पोस्टमार्टम हाउस पर शव लाया जाता है और वहां पोस्टमार्टम होता है।
इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों को भी छह किलोमीटर दूर शहर के पोस्टमार्टम हाउस पर जाकर शव का अध्ययन करना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनसी प्रजापति का कहना है कि अभी यहां पोस्टमार्टम संचालित होने में समय लगेगा।


