क्षेत्र के ग्राम खजुआखेड़ा निवासी रामभरोसे अपनी पत्नी लीलावती के साथ मवेशियों की रखवाली के लिए छप्पर के घेर में सोते थे। बुधवार रात भी दंपती घेर में सोए हुए थे।