Budaun News: प्रोफेसर एक साल से नहीं दे रहे जवाब कमिश्नर ने जारी किया अंतिम नोटिस

राजकीय मेडिकल कॉलेज। संवाद
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात एसोसिएट प्रोफेसर एक साल पहले अचानक गायब हो गए। एसोसिएट प्रोफेसर ने अपना अवकाश या फिर अन्य किसी समस्या के बारे में अब तक मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को जानकारी नहीं दी है। हालांकि कॉलेज प्रबंधन की ओर से लगातार पत्राचार किया गया। अब मामला शासन तक पहुंचा तो अब कमिश्नर ने उनको अंतिम नोटिस जारी किया है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराए जाने के साथ ही यहां एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिए कई प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉक्टर तैनात किए थे। पिछले कुछ वर्ष से यहां से डॉक्टर और प्रोफेसर नौकरी छोड़कर जाते रहे, इस वजह से यहां फैकल्टी काफी कम हो गई।
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2015 में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रितुज अग्रवाल की तैनाती की गई थी। उस वक्त निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर, प्रोफेसर की ज्यादा से ज्यादा तैनाती की गईं। इसी क्रम में डॉ. रितुज अग्रवाल को आर्थो विभाग में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर का जिम्मा दिया गया। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि वह 12 मई, 2022 में बिना किसी सूचना के मेडिकल कॉलेज से चले गए। इसके बाद उनको कई पत्र भेजे गए, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।
महानिदेशक ने प्रमुख सचिव को भेजा पत्र
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण किंजल सिंह ने इस संबंध में प्रमुख सचिव को भी पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में अब तक की कार्रवाई के बारे में लिखा है। तीन जून को कार्रवाई के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को भी पत्र लिखा है।
प्रोफेसर और डॉक्टरों की कमी से मरीजों को नहीं मिल पा रहा बेहतर इलाज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में लगातार प्रोफेसर और डॉक्टर कम होते जा रहे हैं। इसके पीछे का कारण यहां की अव्यवस्थाएं और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की सही मॉनीटरिंग न होना है। डॉक्टर और प्रोफेसर कम होने का असर जहां एमबीबीएस के छात्रों पर पड़ रहा है वहीं मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
एसोसिएट प्रोफेसर ने खुद को बताया बीमार, बोले-मैंने पत्र का दिया जवाब
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रितुज अग्रवाल ने खुद को बीमार बताया है। उनका कहना है कि वह एक साल से बीमार चल रहे हैं। दिल्ली के एक हॉस्पिटल से उनका इलाज चल रहा है। कुछ दिन पहले ही वह कुछ स्वस्थ हुए तो मेडिकल कॉलेज में ज्वाइन करने गए थे। मगर, प्रबंधन की ओर से उनको कोई जवाब नहीं मिला। एसोसिएट प्रोफेसर का कहना है कि उन पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार हैं, उन्होंने अपना स्पष्टीकरण शासन को भेज दिया है।
डॉ. रितुज अग्रवाल एक साल से बिना किसी अनुमति या अवकाश के गायब चल रहे हैं। शासन स्तर से उनके खिलाफ जांच चल रही है। कमिश्नर ने अब उनको अंतिम नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही शासन स्तर से भी उनको नोटिस जारी किया गया, जिसका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है।
– डॉ. एनसी प्रजापति, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
सांसद और विधायक ने किया मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण
राजकीय मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं की शिकायतों के चलते मंगलवार को सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य, विधायक महेश चंद्र गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मेडिकल कॉलेज में मरीजों को दिए जा रहे उपचार के अलावा छात्रों की पढ़ाई के बारे में जानकारी लीं। सांसद ने कहा कि जो भी अव्यवस्थाएं हैं उनको दुरुस्त कराया जाए।


