Shahjahanpur News: खुटार में आबादी से कुछ दूर बाघ ने नीलगाय को मारा

बाघ के हमले में नीलगाय की मौत के बाद खुटार में किसानों से जानकारी लेते रेंजर
खुटार। शनिवार रात खुटार कस्बे से कुछ दूर बाघ ने एक नीलगाय को मार डाला। सूचना पाकर रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने मौका मुआयना किया है।
खुटार गोला रोड पर कस्बे से कुछ दूर एक ईंट भट्ठा है। शनिवार शाम अंधेरा होने के कुछ ही देर बाद एक नीलगाय भागती हुई खेतों की ओर आई। बाघ उसका पीछा कर रहा था। भट्ठे के पास बाघ ने नीलगाय को मार डाला। नील गाय के चिल्लाने की आवाज सुनकर खेत पर फसलों की रखवाली कर रहे किसानों ने टार्च से देखा तो बाघ नीलगाय को मारने के बाद पास में ही बैठा दिखा। शोर मचाने पर बाघ पास में गन्ने के खेत में चला गया।
किसानों ने इसकी सूचना रेंजर मनोज कुमार श्रीवास्तव को दी। रविवार को रेंजर ने वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर नीलगाय का शव देखा और बाघ के पगमार्क ट्रेस कराए। रेंजर ने नीलगाय का पोस्टमार्टम भी कराया है। रेंजर ने किसानों से खेतों में काम करने के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। रेंजर ने कहा खेतों पर जाते समय शोर शराबा करते रहे और खेत पर अकेले काम न करेंं। गन्ने के खेतों में घास काटते, खाद डालते समय पहले शोर शराबा जरूर करें।
किसानों ने बाघ के गन्ने के खेत में छिपे होने की आशंका जताते हुए कैमरे लगवाकर निगरानी कराने और बाघ को जंगल की ओर खदेड़े जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि बाघ से उन लोगों को बड़ा खतरा है। वन विभाग के अधिकारी खानापूरी कर चले जाते हैं।