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Shahjahanpur News: गंगा उफान पर, 27 हजार से अधिक ग्रामीणों के सामने खाने-पीने का संकट

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On Ganga's rise, food and drink crisis in front of more than 27 thousand villagers

गंगा की बाढ़ से कट रहा जलालाबाद-ढाईघाट हॉइवे। संवाद

मिर्जापुर। गंगा की बाढ़ लगातार बढ़ रही है। बाढ़ से प्रभावित ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर, भरतपुर, गुटेटी उत्तर और पृथ्वीपुर-ढाई के दो दर्जन गांव की लगभग 27,500 आबादी खाने-पीने के संकट से जूझ रही है। उधर, प्रशासन ने कलान तहसील में गंगा-रामगंगा की बाढ़ से प्रभावित पीड़ितों की मदद के लिए एक दर्जन बाढ़ चौकी बनाई हैं। इनमें मात्र एक पृथ्वीपुर-ढाई स्कूल में बनी बाढ़ चौकी ही सक्रिय है। शेष चौकियां कागजों पर हैं।

प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की मदद का दावा कर रहा है, वह जमीनी स्तर पर फेल नजर आ रहा है। डेढ़ माह से गंगा की बाढ़ से ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर के मजरा पैलानी, इस्लामनगर, आजाद नगर, मस्जिद नगला, लोहार नगला, कटैला नगला, अभिचारपुर, बांसखेड़ा, मोती नगला, बटन नगला की लगभग 10 हजार आबादी जलमग्न है। इनमें आजाद नगर के लगभग डेढ़ सौ लोग ढाईगांव में बने आश्रय स्थल में शरण लिए हुए हैं। मस्जिद नगला के दो दर्जन परिवार इमादपुर के समीप रोड पर ढेरा डाले हुए हैं।

लगभग साढ़े पांच हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत भरतपुर के ग्राम भरतपुर, पकड़िया नगला, धोबियन नगला, पंखिया नगला पूरी तरह जलमग्न है। प्रधान प्रतिनिधि संतोष सिंह बे बताया कि डेढ़ माह से बाढ़ में जूझ रहे ग्राम पंचायत के लगभग 112 परिवार किसी तरह की सरकारी मदद न मिलने पर भूख प्यास से परेशान होकर रिश्तेदारियों में चले गए हैं। लगभग पांच हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत गुटेटी उत्तर के मजरा धींयरपुरा, महोलिया, मोहकमपुर और गुटेटी के बाढ़ पीड़ित छतों और सड़कों पर शरण लिए हुए हैं। ग्राम प्रधान अलवर सिंह ने बताया कि गांव के 140 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राशन किट मिली हैं, जबकि तमाम परिवार राशन सुविधा से वंचित हैं।

पृथ्वीपुर-ढाई ग्राम पंचायत के प्रधान गुड्डू वर्मा ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत के ग्राम अंटा, दरियायगंज, बल्देवपुर, डड़िया, याकूतपुर, पिहूआ और बख्तावरगंज की लगभग 7000 आबादी बाढ़ के पानी में गुजर रही है। किसी भी बाढ़ पीड़ित परिवार को सरकार से कोई मदद नहीं मिली है। ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर के प्रधान फारूक अली ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ से जलमग्न उनकी ग्राम पंचायत की 10 हजार की आबादी में सिर्फ 443 परिवारों को राशन की किट मुहैया करवाई गईं हैं, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। समाजसेवी रिजवान अहमद ने बताया कि ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर के बाढ़ पीडि़तों को आश्रय जाने के लिए छह नाव उपलब्ध करवाई गईं हैं, जबकि ग्राम पंचायत भरतपुर, गुटेटी उत्तर और पृथ्वीपुर-ढाई ग्राम पंचायत के जलमग्न आधा दर्जन गांवों के बढ़ पीड़ितों को कोई सुविधा नहीं मिली है।

प्रशासन के आंकड़े कुछ और ही कर रहे बयां

प्रशासन के आंकड़ों के हिसाब से कलान तहसील में बाढ़ ग्रस्त आठ गांवों की 2190 आबादी प्रभावित हो रही है, जबकि वर्तमान में 45 पशु, 445 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हो रही है, जबकि वर्तमान में 410 बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 670 बाढ़ पीड़ितों को राशन किट और वर्तमान में 900 पैकेट लंच वितरित किए गए हैं।

जलालाबाद-ढाईघाट स्टेट हाईवे आधा कटा, आवागमन हो सकता है बंद

गंगा की बाढ़ से जलमग्न जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद स्टेट हाईवे ग्राम बल्देवपुर मोड़ के पास लगभग आधा कट गया है। आसपास के लोगों का कहना है कि ऐसा ही रहा तो हाइवे पर आवागमन बंद हो जाएगा। गंगा की बाढ़ का पानी ढाईगांव में बिछिया छुट्टी नदी के पुल को छूते हुए दक्षिणी किनारे पर रोड क्रॉस करने लगा है। इससे यहां भी हाईवे कटने की संभावना बढ़ गई है।

बाढ़ की विकराल स्थिति का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि ढाईगांव से ढाईघाट के बीच लगभग सात किलोमीटर लंबाई 10 किलोमीटर चौड़ाई में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। इससे न तो पक्की सड़कें और न ही खड़ंजा मार्ग कहीं दिखाई दे रहे हैं। इस कारण अधिकारी-कर्मचारी और समाजसेवी भी बाढ़ क्षेत्र में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा, छोड़ा गया पानी

शाहजहांपुर। गंगा में पानी छोड़ जाने से लगातार उसका जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई। रविवार को करीब तीन लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इससे जलस्तर और बढ़ जाएगा। रामगंगा का भी जलस्तर बढ़ रहा है। उसमें भी विभिन्न बैराजों से पानी छोड़ा गया है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड की ओर जारी रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को गंगा का जलस्तर 143.52 गेज था, जो कि रविवार को बढ़कर 143.55 गेज हो गया है, जबकि खतरे का निशान 143.650 गेज पर है। वहीं रामगंगा का जलस्तर शनिवार को 160.200 गेज था जो कि रविवार को बढ़कर 160.210 गेज हो गया है। गर्रा और खन्नौत नदी के जलस्तर में गिरावट आई है। रविवार को गंगा में नरौरा बैराज से 2,88,307 गेज पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा में विभिन्न गैराजों से 16,285 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में 1188 क्यूूसेक पानी छोड़ा गया है। संवाद

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार प्रशासन की ओर से मदद मुहैया कराई जा रही है। हर संभव प्रयास किया जा रहा है बाढ़ पीड़ित को कोई दिक्कत न हो। लगाकर क्षेत्र में अधिकारी भ्रमण करके लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।

– डॉ. सुरेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व, बाढ़ प्रभारी अधिकारी

गंगा की बाढ़ से कट रहा जलालाबाद-ढाईघाट हॉइवे। संवाद

गंगा की बाढ़ से कट रहा जलालाबाद-ढाईघाट हॉइवे। संवाद

गंगा की बाढ़ से कट रहा जलालाबाद-ढाईघाट हॉइवे। संवाद

गंगा की बाढ़ से कट रहा जलालाबाद-ढाईघाट हॉइवे। संवाद


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