Rampur News: वैक्सीन न होने से गोवंशीय पशुओं पर लंपी का खतरा
रामपुर। गोवंशीय पशुओं पर एक बार फिर लंपी वायरस का खतरा मंडाराने लगा है। पशुपालन विभाग के पास वैक्सीन का संकट है। जिले में करीब 90 हजार गोवंशीय पशु हैं। इनके टीकाकरण के लिए वैक्सीन की आवश्यकता है। वैक्सीन न होने की वजह से पशुओं में टीकाकरण प्रभावित हो रहा है।
बीते साल लंपी वायरस देश में हजारों पशुओं को शिकार बना चुका है। जिले में भी लंपी वायरस से पशुओं की मौतें हुई थीं। इस साल प्रदेश के प्रदेश के 25 जनपदों में लंपी का प्रकोप है। हालांकि, राहत की बात है कि मुरादाबाद मंडल सुरक्षित जोन में है। यहां के जिलों में लंपी वायरस का कोई मामला नहीं आया है। फिर भी शासन ने पशुपालन विभाग को अलर्ट कर रखा है। जिले में लंपी वायरस से निपटने के लिए वैक्सीन की कमी चुनौती बन सकती है। दरअसल, बीते दिनाें शासन से दस हजार वैक्सीन की आपूर्ति हुई थी। उनसे पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। अब विभाग को 50 हजार वैक्सीन की और आवश्यकता है। विभाग ने पत्र भेजकर वैक्सीन की पूर्ति की मांग की है। जिससे संकट को टाला जा सके।
उत्तराखंड बार्डर के गांवों को लेकर विशेष सतर्कता
पशुपालन विभाग ने उत्तराखंड के बार्डर पर स्थित जिले के स्वार व बिलासपुर क्षेत्र के 25 गांवों में संपूर्ण गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण कर दिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अन्य गांवों में भी टीकाकरण कराया जाएगा।
लंपी वायरस के लक्षण
-पशु को बुखार हो जाना।
-त्वचा पर गांठों का पड़ जाना।
-दुधारू पशु का दूध कम देना।
बचाव
-लक्षण दिखने पर पशु को अन्य पशुओं से अलग कर दें।
-बीमार पशु को सामान्य पशु के साथ चारा व पानी न पिलाएं।
-तुरंत अपने नजदीकी पशु अस्पताल में दिखाएं।
बयान
पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए विभाग तैयार है। सभी डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं लक्षण युक्त पशुओं पर नजर रखी जाए। तुरंत उपचार शुरू हो। हालांकि, अभी जिले में लंपी वायरस को कोई केस नहीं है। लंपी से बचाव के लिए पशुओं के टीकाकरण के लिए 50 हजार वैक्सीन की डिमांड भेजी है।
– महेश कुमार कौशिक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी रामपुर।