बदायूं

Budaun News: कछला घाट पर गंगा की धारा के पास दाह संस्कार करने पर रोक

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Ban on cremation near the river Ganga at Kachla Ghat

कछला में दाह संस्कार को भूमि समतल कराते चेयरमैन जगदीश सिंह। स्रोत- प्रशासन

उझानी (बदायूं)। गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए कछला घाट पर विद्युत शवदाह गृह बन जाने के बाद नगर पंचायत प्रशासन ने धारा के समीप दाह संस्कार करने पर रोक लगा दी है। इसके लिए धारा से दूर भूमि समतल कराई गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष ने एसएसपी से भेंट कर इसके लिए पुलिस का सहयोग मांगा है। अब पुलिस के साथ नगर पंचायत कर्मी दाह संस्कार गंगा किनारे नहीं होने देंगे।

कछला नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश सिंह लौनिया चौहान ने मंगलवार अपराह्न एसएसपी डॉ. ओपी सिंह से भेंट की। बताया कि गंगाघाट पर विद्युत शवदाह गृह का निर्माण हो चुका है। शवदाह गृह में बिजली के अलावा परंपरागत तरीके से लकड़ियों की चिता सजाकर दाह संस्कार करने की भी सुविधा है, लेकिन दाह संस्कार गंगा की मुख्य धारा के पास करके गंगा में प्रदूषण किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत हो रही हैं। उन्होंने गंगा की धारा के पास दाह संस्कार पर रोक का पालन कराने के लिए पुलिस का सहयोग भी मांगा है।

इससे पहले नगर पंचायत कर्मियों के जरिये अध्यक्ष ने विद्युत शवदाह गृह के पिछवाड़े खाली पड़ी भूमि का समतल कराके उसे दाह संस्कार के लिए तय कर दिया। अध्यक्ष ने बताया कि जो लोग शव का दाह संस्कार विद्युत शवदाह गृह में नहीं करना चाहते, वह उसके पीछे खाली पड़े समतल स्थान पर दाह संस्कार कर सकते हैं। दाह संस्कार से पहले शव को स्नान कराने के लिए मौके पर गंगा जल से भरा टैंकर मौजूद रहेगा। चिता की राख गंगा में प्रवाहित करने के बजाय समतल स्थान के पास ही गड्ढे में डालने की व्यवस्था की गई है।

मुख्य घाट के पास जेसीबी से गड्ढा कराया

– दाह संस्कार को लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से शव लेकर मुख्य घाट तक नहीं पहुंच पाएं, इसके लिए नगर पंचायत प्रशासन ने जेसीबी की मदद से गहरे गड्ढे खुदवा दिए हैं। साथ ही दो सफाई कर्मियों को भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोकने के लिए ड्यूटी पर लगाया गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि शव के साथ आने वाले लोगों को गंगा में प्रदूषण को लेकर जागरूक किया जाएगा। जल्द ही इसका असर दिखने लगेगा।


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