Budaun News: झंझट से बचने और भाव अच्छा होने की वजह से आढ़तों पर धान बेच रहे किसान

शिवा मिश्रा
बदायूं। जिले में किसान मोटे धान की अपेक्षा पतले धान की खेती ज्यादा करते हैं। अगेती धान की फसल में अधिकांश किसानों ने पतला धान किया है। इसकी वजह से जिले में सरकारी क्रय केंद्राें की अपेक्षा आढ़तियों के यहां पर धान की खरीद ज्यादा हो रही है, क्योंकि सरकारी केंद्रों पर ग्रेड-ए के नाम से जो धान खरीदा जाता है, उसका बाजार भाव काफी ज्यादा है। इधर, मोटा धान अभी पूरी तरह सूखा नहीं है, इसलिए क्रय केंद्र सूने हैं।
जिले में मंगलवार को बारिश हुई थी। इसका धान की फसल पर खासा प्रभाव पड़ा। जो धान कटा पड़ा था, उसके भीगने से निकासी थम गई। खेतों में खड़ी फसल की कटाई पर भी ब्रेक लग गया। हालांकि इसके बाद से लगातार मौसम साफ रहा है। इससे किसानों को काफी राहत मिली है। अगेती फसल में अधिकतर पतला धान पूरी तरह से पक गया है।
अभी किसान इसे बेचने के लिए आढ़तियों का रुख कर रहे हैं। दरअसल, जिले में लगभग 33 हेक्टेयर में पतले धान, शरबती, ताज, बासमती की कुछ प्रजातियों का उत्पादन किया गया है, जबकि 25 हेक्टेयर में मोटा धान किया गया हैै। सरकारी क्रय केंद्रों पर ग्रेड-ए के तहत पतला धान लिया जाता है। इसका रेट 2203 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि बाजार में इसका रेट कम 2400 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहा है। मोटा धान अभी बाजार में ज्यादा नहीं आया है। ऐसे में वह 2200 रुपये प्रति क्विंटल है।
बाजार में ग्रेड-ए के धान का रेट प्रति क्विंटल (लगभग)
– शरबती-2400
– ताज-2600
– बासमती-3000
किसान को देनी होती है 20 रुपये प्रति क्विंटल नकद धनराशि
– सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने से पहले किसानों को विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होता है। इसके बाद वह सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेच सकते हैं। इसके साथ ही धान बेचने के बाद रकम सीधे हाथ में न आकर खाते में पहुंचती है। इसमें भी कई दिन लग जाते हैं। इसके अलावा धान उतराई, छनाई और सफाई के नाम पर 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नकद भुगतान किसान को करना होता है। मोटे धान की सरकारी खरीद का रेट 2183 रुपये प्रति क्विंटल है। ऐसे में किसान को केवल 2163 रुपये का भाव ही मिलता है, जबकि आढ़ती 2200 रुपये का भाव दे रहे हैं और वह भी नकद। पतले धान में तो किसानों को आढ़तियों को देने में और ज्यादा लाभ होता है। इसलिए तमाम झंझटों से बचने के लिए किसान भी ज्यादातर आढ़तियों की तरफ रुख कर रहे हैं।
31 जनवरी तक होगी धान खरीद
– जिले में एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू हो गई है। इसके लिए चार क्रय एजेंसियां नामित की गई हैं जिनके द्वारा 47 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन क्रय केंद्रों पर घोषित समर्थन मूल्य पर धान की खरीद किसानों से की जाती है। जिले में 31 जनवरी तक धान की खरीद की जाएगी। शासन ने जिले के लिए 58 हजार एमटी का लक्ष्य दिया है।
– जिले में मोटे धान के साथ शरबती, ताज, बीएच-44 आदि की इस बार अच्छी पैदावार हुई है। सरकार क्रय केंद्रों पर केवल ग्रेड-ए के नाम से 2203 रुपये प्रति क्विंटल पतला धान लिया जाता है, जबकि हर पतले धान की वैरायटी अलग होती और उसका रेट भी अलग होता है। शासन को चाहिए वैरायटी के हिसाब से क्रय केंद्रों पर पतला धान खरीदा जाए। ऐसे न होने पर आढ़तियों के पास जाना होता है। – ब्रह्मदेव, सौंधामई
– शासन को मोटे धान की खरीद के साथ ही पतले धान की क्वालिटी के अनुसार खरीद करनी चाहिए, लेकिन केवल ग्रेड-ए के नाम से पतला धान खरीद जाता है। इसके रेट 2203 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि जिले में शरबती, ताज, सुगंधा आदि धान बड़े पैमाने पर होता है। इसके रेट हर साल 2500 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा रहते हैं। सीजन के बाद रेट और बढ़ जाते हैं।
– शिवा मिश्रा, झंडपुर
– सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों से संपर्क करें और ज्यादा से ज्यादा धान खरीदें। जो भी किसान धान बेचने के लिए आएं, उनका धान खरीदा जाए, लेकिन धान खरीद के मानकों का ध्यान रखा जाए। – अतुल वशिष्ठ, डिप्टी आरएमओ

शिवा मिश्रा

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