Budaun News: राज्यपाल को समन देने के मामले में शासन ने डीएम से तलब की रिपोर्ट
बदायूं। राज्यपाल को समन भेजकर एसडीएम कोर्ट में तलब किए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। शासन ने भी इसे गंभीरता से लिया है। प्रमुख सचिव ने पूरे मामले में जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। उधर, एसडीएम न्यायिक का कहना है कि वह उस दिन अवकाश पर थे। यह गलती पेशकार से हुई है। एसडीएम ने पेशकार से जवाब तलब किया है।
एसडीएम न्यायिक विनीत कुमार की कोर्ट की तरफ से जमीन संबंधी मामले में सात अक्तूबर को राज्यपाल के नाम समन जारी कर उन्हें 18 अक्तूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया था। जब समन 10 अक्तूबर को राजभवन पहुंचा तो राज्यपाल के विशेष सचिव बद्रीनाथ सिंह ने इस मामले में 16 अक्तूबर को डीएम को पत्र भेजा। कहा, राज्यपाल को समन भेजना संविधान के अनुच्छेद 361 का उल्लंघन है। भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने पाए।
मामला मीडिया की सुर्खियां बना तो शासन ने इसे गंभीरता से लिया। अब प्रमुख सचिव ने इस मामले जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। इधर, एसडीएम न्यायिक विनीत कुमार का कहना है, उस दिन वह अवकाश पर थे। उन्होंने इसके लिए पेशकार की गलती बताई है। इस संबंध में पेशकार से जवाब तलब भी किया है।
यह है समन भेजने की प्रक्रिया
वादी द्वारा कोर्ट में केस करने के बाद में दूसरे पक्ष को बुलाने के लिए कोर्ट द्वारा समन जारी किया जाता है। इसके लिए कोर्ट विपक्षी का नाम व पता समन पर लिखकर, कोर्ट कर्मचारी के द्वारा विपक्षी के पते पर भेजा जाता है। जिसके बाद विपक्षी पर समन तामील होने के बाद वह अपना पक्ष कोर्ट में रखता है।


