बदायूं

Budaun News: दफनाने के लिए नन्हे-मुन्नों के शव लेकर निकले परिजन तो हर आंख हुई नम

Connect News 24

When the relatives came out with the bodies of the little ones for burial, every eye became moist.

ग्राम ग्योती में विलाप करते छात्र अमित के परिजन। संवाद

म्याऊं (बदायूं)। म्याऊं-हजरतपुर रोड पर हुए स्कूल बस और वैन की टक्कर में चार बच्चों व चालक की मौत के बाद से चीत्कार मचा हुआ है। जिगर के टुकड़ों को अंतिम विदाई देते समय परिजन बिलख पड़े। यह मंजर देख हर आंख नम हो गई। बच्चों की माएं तो अब तक यकीन ही नहीं कर पा रही हैं। उन्हें लगता है कि बच्चे स्कूल से आते ही होंगे। मंगलवार को तीन बच्चों को हजरतपुर गंगाघाट पर धपनाया गया। पास में ही वैन चालक का अंतिम संस्कार किया गया।

सोमवार सुबह से लेकर अब तक चारों गांवों में गमगीन माहौल है। चार छोटे-छोटे बच्चों और वैन चालक की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। हर आंख से आंसू बह रहे हैं। मृतकों के घरों पर सांत्वना देने वालों की भीड़ है। हादसे की जानकारी पर घटनास्थल से लेकर जिला अस्पताल, पोस्टमार्टम हाउस और गांव में परिजनों की चीखें गूंजती रहीं।

हर तरफ हादसे की ही चर्चा हैं। इस हादसे ने रेखा की तो जिदंगी ही उजाड़ दी है। हादसे ने उनके पति वैन चालक ओमेंद्र के साथ ही उनके इकलौते बेटे हषित को छीन लिया है। रेखा की अब एक मासूम बेटी ही बची है। हादसे के बाद से रेखा बेसुध हैं। मंगलवार को तमाम लोग उनके घर पर जमे रहे। आसपास की महिलाएं भी रेखा को ढांढस बंधाती रहीं, लेकिन उनके आंसू नहीं थम रहे हैं।

थाना पुलिस ने सोमवार दोपहर पांचों शवों के पोस्टमार्टम कराए थे। देर शाम परिवार वाले शव अपने-अपने घर ले गए। बघौरा की खुशी, ग्योति के प्रदीप, लभारी के हर्षित के शवों को हजरतपुर गंगा घाट के किनारे दफन किया गया। नजदीक ही हर्षित के पिता ओमेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया।

स्कूली से आती होगी बेटी, कहकर बेसुध हो जाती है खुशी की मां

– हादसे में ग्राम बघौरा निवासी छह वर्षीय खुशी की मौत हुई है। उसके भाई रचित का बरेली के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। खुशी मां रानी गुप्ता का रो-रोकर बुरा हाल है। वह उठकर दरवाजे तक जाती हैं और रास्ता निहारते हुए कहती हैं कि उनकी बेटी स्कूल से आती ही होगी। इसके बाद बेसुध हो जाती हैं।

अमित के छोटे भाई-बहन का चल रहा इलाज

– हादसे में ग्राम ग्योति निवासी अमित की मौत हो गई थी, जबकि उसके भाई आयुष और प्रियांशी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। अभी दोनों की हालत इतनी अच्छी नहीं हुई है कि उनकी अस्पताल से छुट्टी की जा सके। घर पर मां तेज कुमारी का बुरा हाल है। वह लगातार अपने बच्चों को याद कर रो रही हैं।

गांव के तालाब पर दफनाया गया कौशल्या का शव

उसावां थाना क्षेत्र के गांव नवीगंज निवासी कौशल्या का शव गांव के तालाब किनारे दफनाया गया। मृतकों में कौशल्या ही उसावां थाना क्षेत्र की थी, बाकी तीन बच्चे और वैन चालक हजरतपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवोंं के थे।

ग्राम ग्योती में विलाप करते छात्र अमित के परिजन। संवाद

ग्राम ग्योती में विलाप करते छात्र अमित के परिजन। संवाद

ग्राम ग्योती में विलाप करते छात्र अमित के परिजन। संवाद

ग्राम ग्योती में विलाप करते छात्र अमित के परिजन। संवाद


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