Budaun News: युवती को आत्महत्या के लिए विवश करने के दोषी को पांच साल की सजा
बदायूं। युवती को आत्महत्या के लिए विवश करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तृतीय सौरभ सक्सेना ने पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दुष्कर्म के आरोप से उसे बरी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना बिल्सी के एक ग्रामीण ने चार फरवरी 2017 को तहरीर दी कि तीन फरवरी की रात करीब एक बजे उसकी बेटी लघुशंका के लिए घर से बाहर निकली थी। जब वह काफी देर तक वापस नहीं आई तो उसने घर से बाहर निकलकर देखा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
चार फरवरी को पड़ोस के सुरेंद्र ने बताया कि उसकी बेटी मुकेश के घर में फंदे पर लटकी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाकर देखा तो उसके गले में फंदा लगा हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। न्यायालय में मुकेश निवासी ग्राम अगौल थाना बिल्सी पर लैंगिक हमला करने के आरोप का मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने विशेष लोक अभियोजक प्रदीप भारती व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद मुकेश को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का दोषी पाते हुए पांच साल की सजा सुनाई। न्यायालय ने उसे दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया।


