Shahjahanpur News: पांच माह बाद कार्रवाई शुरू…बंडा के 20 प्रधान, सचिव और जेई काे रिकवरी नोटिस

अमर उजाला में एक जून 2023 को प्रकाशित खबर। संवाद
पुवायां। बंडा क्षेत्र में हैंडपंप रिबोर में घोटाले की जांच अगस्त में पूरी होने के बावजूद पांच महीने बाद 20 प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को राशि जमा करने के लिए कहा गया है। उत्तरदायी तीन अवर अभियंताओं से भी धनराशि वसूली जाएगी। कुल मिलाकर दस लाख 66 हजार 370 रुपये की वसूली होगी। वहीं पांच माह तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हैंडपंपों के रिबोर में गड़बड़ी की शिकायत पर डीएम उमेश प्रताप सिंह ने बंडा, पुवायां और खुटार ब्लाॅक क्षेत्र के गांवों में जांच के लिए टीमें गठित की थीं। बंडा ब्लाॅक क्षेत्र के लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट दुर्गेश यादव के नेतृत्व में वित्त एवं लेखाधिकारी विभा यादव, जल निगम निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार यादव को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। घोटाले की खबरों को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। टीम ने जांच रिपोर्ट दी थी कि बंडा के बीडीओ कार्यालय से मात्र 64 रिबोर हैंडपंपों की सूची उपलब्ध कराई गई, जिनमें 27 हैंडपंपोंं के रिबोर होने की पुष्टि नहीं हो सकी। पोर्टल पर जांच करने पर 64 से अधिक हैंडपंपों का रिबोर भुगतान होना पाया गया। हैंडपंप रिबोर के लिए सभी फर्मों का भुगतान 12 से 18 प्रतिशत जीएसटी सहित किया गया है, लेकिन फर्मों ने जीएसटी जमा की या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। अपूर्ण अभिलेखों के कारण यह भी पता नहीं चल सका कि हैंडपंप रिबोर होने योग्य थे कि नहीं।
बोरिंग में भी धांधली
हैंडपंपों को खोलकर जांच करने पर टीम ने पाया था कि माप पुस्तिका पर दर्शाई गई गहराई अधिक है, स्थलीय निरीक्षण में बोरिंग कम मिली। माप पुस्तिका पर पीवीसी पाइप बोरिंग से अधिक लिखे हैं। माप पुस्तिका पर पांच-छह नग जीआई पाइप लिए गए हैं, जबकि मौके पर पुराने जीआई पाइप लगे पाए गए।
घरों में लगा लिए हैंडपंप, रिबोर भी दर्शाये
गांव लुहिचा में देवसरन के घर में लगे हैंडपंप, तिहार ऐंजनपुर में बंटू के दरवाजे पर, गांव उदरा टिकरी में प्रधान और कोटेदार के घर के पास लगे हैंडपंप रिबोर बताए गए थे। टीम को यह सभी हैंडपंप घरों के अंदर लगे मिले थे। गांव तिहार ऐंजनपुर में झब्बू के घर के पास और देवकली में केडी स्कूल में हैंडपंप लगा नहीं मिला था। दोनों हैंडपंप रिबोर दर्शाए गए थे। अगस्त 2023 में ही टीम ने जांच रिपोर्ट सीडीओ को दे दी थी, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की गई थी।
इन गांवों में हुई धांधली
पुवायां ब्लॉक के वितौनी, नत्थापुर, भटियुरा बुजुर्ग, बंडा ब्लॉक के बनिगवां, पिपरिया हरिश्चंद्र, चरखी देवरी, मझिगई, बरगदा, ढकाघनश्याम, पट्टी छज्जूपुर, मुड़िया छावन, तिहरा ऐजनपुर, देवकली, उदरा टिकरी, मकसूदापुर, चिकटिया, नरेंद्रपुर मोहद्दीन, कुलुमजुझारपुर, बंडी, अख्त्यारपुर धौकल ग्राम पंचायत शामिल हैं।
जेई से भी होगी वसूली
20 प्रधानों के अलावा सचिव से भी वसूली की जाएगी। 20 प्रधानों से तीन लाख 67 हजार 586 रुपये वसूले जाएंगे। वहीं इन ग्राम पंचायतों के सचिव से तीन लाख 86 हजार 356 रुपये की रिकवरी होगी। इन ग्राम पंचायतों में हैंडपंप की रिबोरिंग का काम देख रहे तीन अवर अभियंताओं से तीन लाख 12 हजार 428 रुपये की वसूली की जाएगी। इनमें से जेई विजेंद्र कुमार और राकेश कौशिक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनके अलावा जेई देवेंद्र सिंह से भी रिकवरी होगी।
बंडा क्षेत्र के 20 प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को 14 दिन में धनराशि जमा करने को कहा गया है। धनराशि जमा नहीं करने पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। बाद में आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसबी सिंह, सीडीओ
जैतीपुर में रिबोर हुए हैंडपंप की जांच के लिए मांगी सूची
शाहजहांपुर। जैतीपुर ब्लॉक में हैंडपंप रिबोर कराने में अनियमितता की लोकायुक्त से शिकायत के बाद जांच अधिकारी एसडीएम न्यायिक दुर्गेश यादव ने बीडीओ जैतीपुर से रिबोर किए गए हैंडपंपों की सूची मांगी है। ब्लॉक बंडा निवासी रामप्रवेश शुक्ला ने जैतीपुर में दो साल में रिबोर कराए गए हैंडपंप के काम में अनियमितता का आरोप लगाया था। उनके मुताबिक, रिबोर कम गहराई में कराकर ज्यादा में दर्शाया गया और सामग्री भी मानक के अनुरूप नहीं इस्तेमाल की गई। उन्होंने मामले की शिकायत लोकायुक्त अनिल कुमार सिंह से की थी। लोकायुक्त ने जांच के आदेश दिए। डीएम उमेश प्रताप सिंह ने एसडीएम न्यायिक सदर दुर्गेश यादव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। इसमें वरिष्ठ कोषाधिकारी और जल निगम के सहायक अभियंता भी शामिल हैं। एसडीएम न्यायिक सदर दुर्गेश यादव ने बताया कि मामले में बीडीओ जैतीपुर से रिबोर हैंडपंप की सूची मांगी गई है। जांच के बाद तय होगा कि घोटाला हुआ है या नहीं। वहीं जैतीपुर बीडीओ मनीष दत्त ने बताया कि अभी कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर अभिलेख उपलब्ध करा दिए जाएंगे। प्रकरण की स्थानीय स्तर पर कभी शिकायत नहीं आई है।

