Budaun News: एंटीलार्वा का छिड़काव करने में ग्राम पंचायतों की लापरवाही
बदायूं। ग्राम पंचायतों में मच्छरमार दवा के छिड़काव में लापरवाही सामने आ रही है। जहां मलेरिया विभाग ब्लॉकों में पर्याप्त दवा वितरण कराने का दावा कर रहा है तो वहीं ग्राम पंचायतों में दवा का छिड़काव करने में लापरवाही की बात सामने आ रही है। यही वजह है कि गांवों में अभी भी मच्छरों के डंक से लोगों को मुक्ति नहीं मिल पा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले माह मलेरिया से लोगों को बचाने के लिए दस्तक अभियान शुरू किया गया था। उसी दौरान जिला मलेरिया विभाग की ओर से टेमोफोस एंटी लार्वा दवा वितरित की गई थी। बावजूद इसके अधिकतर ग्राम पंचायतों में दवा का छिड़काव नहीं कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार मच्छरों की संख्या बढ़ रही है। रोजाना शाम ढलते ही मच्छर लोगों पर हमला करना शुरू कर देते हैं। इसको लेकर कई गांव से शिकायतें आईं। तब ग्राम पंचायतों का हाल देखा गया। जहां अधिकतर ग्राम पंचायतों में टेमोफोस दवा का छिड़काव ही नहीं कराया गया था। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश कुमार सारस्वत का कहना है कि सभी ब्लॉकों समेत ग्राम पंचायतों में दस लीटर से लेकर 20 लीटर दवा का वितरण करा दिया गया है। अगर किसी ग्राम पंचायत में दवा नहीं पहुंची है या कम पहुंची है तो संबंधित कार्यालय आकर दवा प्राप्त कर सकता है।
10 लीटर पानी में डाली जाती है ढाई एमएल टेमोफॉस
जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत के अनुसार 10 लीटर पानी में ढाई एमएल टेमोफॉस डालकर नालियों में इसका छिड़काव कराया जाता है। यह छिड़काव साप्ताहिक कराया जाता है ऐसे में दस से बीस लीटर दवा करीब तीन से चार माह के लिए पर्याप्त होती है। विभाग में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। कुछ प्रधानों द्वारा दवा का छिड़काव नियमित रूप से कराया जाता है जबकि कुछ लोग इसमें लापरवाही करते हैं। अब इसके लिए आशाओं को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे इसे देखें कि गांवों में प्रधान दवा का छिड़काव करा रहे हैं या नहीं।