Pilibhit News: तीन रूटों पर 65 निजी बसें, चार पर एक भी नहीं
पीलीभीत। जिले में तमाम गांव व रास्ते आज भी ऐसे हैं जहां जाने के लिए कोई साधन नहीं हैं। जिले में चार रूट ऐसे हैं, जहां एक भी निजी बस नहीं चलती। इन दोनों मार्गों पर आवागमन करने के लिए लोगों को निजी साधनों का सहारा लेना होता है या फिर टैक्सी से ही सफर करना पड़ता है। इसके चलते इन मार्गों से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी होती है।
जिला मुख्यालय पर लगभग सभी जगहों से लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता है। कोई कचहरी के काम से तो कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या का समाधान पाने के लिए घरों से निकलता है। पूरनपुर, सितारगंज, रिछा की तरफ जाने वाले लोगों को परेशानी नहीं होती।
दूसरी ओर टैक्सी कोटे की गाड़ियां ज्यादा किराया भी लेती हैं। जिससे इनमें बैठने से लोग परहेज करते हैं। बीसलपुर और कलीनगर ऐसे ही क्षेत्र हैं। जहां प्रतिदिन लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर जनपद में सिर्फ तीन रूट पूरनपुर, पीलीभीत-सितारगंज व पीलीभीत-बहेड़ी पर 65 निजी बसों का संचालन हो रहा है।
इन रूटों पर चल रही निजी बसें
– पूरनपुर-काटरगंज
– पीलीभीत-खमरिया-सितारगंज
– पीलीभीत-रिछा-बहेड़ी
इनपर रूटों पर एक भी बस नहीं
– कलीनगर
– माधौटांडा
– बीसलपुर
– न्यूरिया
संचालकों का अपना फैसला
निजी बसों के संचालकों के पास परमिट तो पूरे जिले में संचालन करने का है लेकिन कुछ रूटों पर सवारियां न मिलने की वजह से वह वहां बसें नहीं चलाते हैं। दूसरी ओर टैक्सी गाड़ियों की संख्या बढ़ी है, ऐसे में कभी-कभी उन्हें सवारियां नहीं मिलती। – वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ

