Shahjahanpur News: भैंसी नदी के अस्तित्व को संकट में डालकर बनाया जा रहा पुल

भैंसी नदी में डाला गया मलवा और मिट्टी। संवाद
पुवायां। लखनऊ-पलिया नेशनल हाईवे पर खुटार-शाहजहांपुर के बीच हाईवे के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। एनएचएआई खुटार-पुवायां के बीच भैंसी नदी पर पुल का निर्माण भी करा रही है, लेकिन इसके लिए नदी के अस्तित्व को ही संकट में डाल दिया गया है। अगर नदी का नाम-ओ-निशान ही मिट जाएगा तो फिर यहां पुल निर्माण की ही क्या जरूरत रह जाएगी।
पुल के पास ही डंपरों से मिट्टी डालकर नदी को पाटा जा रहा है। इससे नदी के जीवन को ही खतरा पैदा हो गया है। नदी अवैध कब्जों की मार से पहले से ही कराह रही है। उसमें एक दशक से पानी ही नहीं है। लोकभारती संस्था ने अभियान चलाकर भैंसी नदी को पुनर्जीवित करने का अभियान शुरू किया था। इसमें जिलाधिकारी और सीडीओ सहित तमाम अधिकारियों ने भी सहभागिता की थी। अभियान काफी हद तक नदी का जीवन बचाने में कामयाब भी रहा था। तब भैंसी नदी के उद्गम स्थल भैंसार झील से करीब पांच किमी आगे तक धारा बहने लगी थी।
इसी बीच शासन ने लखनऊ-पलिया मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित कर दिया। लिहाजा मार्ग के चौड़ीकरण के साथ ही भैंसी नदी के जर्जर संकरे पुल को तोड़कर उसके स्थान पर नया चौड़ा पुल बनाया जा रहा है। पुल के पूरब की ओर आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग बना दिया गया है। इसके पास ही चार दिन से डंपरों से मिट्टी डालकर नदी को पाटा जा रहा है। काफी दूर तक नदी को पाट दिया गया है।
कई जगह से मिट्टी, उखाड़े जा रहे रोड का मलबा और काटे गए पेड़ों की जड़ें लाकर नदी में डाली जा रही हैं। चार दिन से चल रहे पटान पर किसी अधिकारी की नजर नहीं पड़ी है। इस संबंध में साइट इंजीनियर भुवन चौधरी से बात की गई तो उन्होंने नदी के फाट में मिट्टी डाले जाने से ही इन्कार कर दिया। बताया पुल के लिए मैटेरियल पड़ा है।
पुल से काफी दूर नदी में मिट्टी से पटान की बात कहने पर उन्होंने कॉल डिस्कनेक्ट कर दी। उनके व्हाट्सएप पर फोटो भेजकर वर्जन चाहा गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इधर, निर्माणदायी कंपनी एसआरएससी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड मथुरा के कोऑर्डिनेटर सुरेश शर्मा ने बताया कि नदी में मिट्टी गलती से डाल दी गई है। उसे हटवा दिया जाएगा।
मिट्टी नहीं हटी तो हो जाएगा अवैध कब्जा
भैंसी नदी की जमीन पर तमाम कब्जे करके खेती की जा रही है। अवैध कब्जेदारों ने नदी पाट दी है। कभी सदानीरा रही नदी में अब शायद ही कभी धारा बह सके। पुल के आसपास भी नदी की तमाम भूमि लोगों ने कब्जा ली है। अब नदी पाटे जाने से पटान क्षेत्र में अवैध कब्जा कर खेती की आशंका है। खेती होने से अवैध कब्जे हटाने मुश्किल होंगे और नदी का नामोनिशान मिट जाएगा।
वर्जन
निर्माण करा रही कंपनी के अधिकारियों से इस संबंध में बात हो गई है। नदी के फाट से मिट्टटी हटाने का काम आज से ही शुरू हो जाएगा। जो भी मिट्टी डाली गई है, उसे तत्काल हटाया जाएगा। – हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम पुवायां