Shahjahanpur News: एसडीएम के आदेश हवा हवाई…भैंसी नदी पाटने के लिए और मिट्टी डलवाई

घटने के स्थान पर भैंसी नदी में बढ़ गया मलबा और मिट्टी। संवाद
पुवायां। पलिया-लखनऊ हाईवे का निर्माण करा रही कंपनी ने भैंसी नदी को डंपिंग ग्राउंड बना लिया है। कर्मचारी नदी के फाट में लगातार मलबा और मिट्टी डाल रहे हैं। इससे नदी का अस्तित्व खत्म होने का खतरा पैदा हो गया है। 13 जून को एसडीएम ने कहा था कि निर्माण कंपनी के अधिकारियों से वार्ता हो गई है। मिट्टी और मलबा रात तक हट जाएगा, लेकिन मलबा हटने के स्थान पर और बढ़ गया है।
लखनऊ-पलिया हाईवे का शाहजहांपुर से खुटार के बीच चौड़ीकरण हो रहा है। हाईवे किनारे खड़े पेड़ काटे जाने के साथ ही रोड चौड़ी करने के लिए किनारों को समतल किया जा रहा है। किनारों से झाड़ियों के साथ निकाली गई मिट्टी, काटे गए पेड़ों की जडें और उखाड़े गए रोड का मलबा डालकर भैंसी नदी को काफी दूर तक पाट दिया गया है। 13 जून को निर्माण करा रही कंपनी एसआरएससी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड मथुरा के कोऑर्डीनेटर सुरेश शर्मा ने माना था कि नदी में कर्मचारियों ने मलबा डालकर गलती की है। मलबा मंगलवार रात तक हटवा दिया जाएगा।
एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने भी निर्माण कंपनी के अधिकारियों और साइट इंजीनियर से बात कर नदी से मलबा तत्काल हटवाने को कहा था। एसडीएम को भी यही आश्वासन दिया गया कि मलबा रात तक हटा दिया जाएगा, लेकिन बुधवार सुबह नदी में कई डंपर मलबा और मिट्टी और लाकर डाल दी गई।
कार्रवाई हो नहीं तो होगा आंदोलन
भाकियू ने भैंसी नदी को पाटने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दो दिन में मलबा नहीं हटाया गया तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यकर्ता रामचंद्र, विमलेश, अलीहसन आदि ने कहा कि निर्माण कंपनी के लोग मनमानी पर उतारू हैं। नदी को किसी भी हालत में पाटा नहीं जा सकता है, लेकिन भैंसी नदी में डंपरों से मिट्टी और मलबा डाला जा रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
मलबा हटाने के लिए 13 जून को ही वार्ता हो गई थी। अगर 15 जून तक मलबा नहीं हटाया जाता है तो निर्माण एजेंसी के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नदी में मिट्टी, मलबा किसी भी हालत में नहीं डाला जा सकता है। – हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम पुवायां