Pilibhit News: बिजली, आवास, राशनकार्ड के मुद्दे पर अफसरों को घेरा
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक
– बीसलपुर के आपूर्ति निरीक्षक पर सुविधा शुल्क मांगने का लगा आरोप
– स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग की लापरवाही को लेकर उठे मुद्दे
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने बिजली, आवास और राशनकार्ड की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को घेरा और जमकर आरोप लगाए। इस दौरान बरखेड़ा विधायक ने सभी की समस्याओं का समाधान कराने और लापरवाह लोगों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष दलजीत कौर की अध्यक्षता में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को उठाया। सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के नाम पर वसूली करने एवं सुविधा शुल्क न मिलने पर आवास योजना से वंचित करने की शिकायत की। वार्ड 16 के सभासद प्रेम सागर ने सचिव लाल बहादुर मौर्य पर रुपये न मिलने पर दिव्यांग का आवास काटने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सचिव बात तक ठीक से नहीं करते। उन्होंने सचिव से बातचीत की रिकार्डिंग को सदन में सुनाया। इसपर सीडीओ ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। बीसलपुर क्षेत्र के सदस्य प्रतिनिधि नितिन ने बीसलपुर के आपूर्ति निरीक्षक को हटाने और कार्रवाई करने की मांग की। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गुुरुभाग सिंह ने जिला पूर्ति अधिकारी को मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने की बात कही।
सदस्यों ने सबसे अधिक मामले गांवों में जलापूर्ति के लिए खोदी गई सड़कों के उठाए। इसपर जल निगम के अधिकारियों को संज्ञान लेने के लिए कहा गया। सदस्यों की शिकायतों पर बरखेड़ा विधायक प्रवक्तानंद ने कड़े तेवर अपनाते हुए सीडीओ को सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा विधायक ने जिला पूर्ति अधिकारी को पूर्ति निरीक्षक को हटाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुसार सभी कार्य करें। वह खुद आपूर्ति विभाग की जांच कराएंगे।
अमरिया ब्लॉक के गांव उगनपुर की प्रधान रेखा देवी ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव पारित कर दिव्यांगों को आवास श्रेणी में रखा है। बैठक में सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीपीआरओ वाचस्पति झा, समाज कल्याण अधिकारी विपिन वर्मा, जिला गन्नाधिकारी जितेंद्र मिश्रा, आरईएस अधिशासी अभियंता फुरकान अली, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता उदय नारायन के अलावा जिला पंचायत सदस्य और उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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सदस्यों के प्रतिनिधि ही संभाले रहे मोर्चा
जिला पंचायत बोर्ड बैठक में समस्याओं को लेकर सदस्यों के प्रतिनिधि ही मोर्चा संभाले रहे। सदस्य के तौर पर सिर्फ रजिस्टर में उनकी हाजिरी ही दर्ज हो सकी।
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अधिकारियों के प्रति बोली गई अशोभनीय भाषा
भ्रष्टाचार को लेकर बैठक में जमकर आरोप लगे। बोर्ड बैठक में जब मामले उठाए गए तो कई लोगों ने अशोभनीय भाषा का भी प्रयोग किया। यह सुनकर अधिकारी चाह कर भी कुछ नहीं कह सके।