Shahjahanpur News: बड़ों के साथ बच्चों पर भी कस रहा नशे का शिकंजा
शाहजहांपुर। नशे का शिकंजा बड़ों के साथ ही बच्चों को भी गिरफ्त में ले रहा है। शहर में बच्चों में व्हाइटनर, थिनर और आयोडेक्स से नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। इसका इलाज कराने के लिए अभिभावक बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। वहीं अगर केवल जून की बात करें तो एक महीने में ही जिले में 20 किलो अफीम पकड़ी जा चुकी है।
हर वर्ष 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को ड्रग्स से होने वाले नुकसान के खिलाफ जागरूक करना होता है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के मनोचिकित्सक डॉ. अभिनव रस्तोगी ने बताया कि वैसे तो शराब, सिगरेट, तंबाकू का सेवन आम हो गया है। अफीम, चरस, गांजा, हेरोइन जैसे जानलेवा नशीले पदार्थों का सेवन भी तेजी से बढ़ा है। ट्रामाडोल, प्रोक्सिवोन केप आदि दर्द निवारक और निद्राकारक दवाओं का इ्रस्तेमाल भी लोग नशे के रूप में करते हैं। उन्होंने बताया कि शहर में बच्चों में व्हाइटनर, थिनर और आयोडेक्स के नशा का प्रचलन हो गया है। इस नशे के लिए बच्चे कुछ भी करने को तैयार है। उन्होंने बताया कि ड्रग्स शरीर को अंदर से खोखला बनाने के अलावा किडनी और लीवर के साथ दिल को भी नुकसान से बचाता है। यह मतिभ्रम और दिमाग़ी कमजोरी की वजह से डिप्रेशन का कारण भी बनता है। व्यक्ति आत्महत्या जैसे कदम भी उठा सकता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्थित मन कक्ष में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए चिकित्सीय परामर्श ले सकते हैं। मन कक्ष में नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति की काउंसिलिंग और दवाइयों के माध्यम से इलाज किया जाता है।
नशे से होने वाले दुष्परिणाम
– पारिवारिक झगड़े
-बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव
-बेरोजगारी में इजाफा
-सड़क दुर्घटना और होने वाले हादसों में बढ़ोतरी
-अवसाद
-आत्महत्या
जून में पकड़ी गई 20 किलो अफीम
अवैध ड्रग्स के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चलाती है। जून में ही अब तक 20 किलो अफीम पकड़ी जा चुकी है। पुलिस के मुताबिक अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। पुलिस ने इस महीने सात अभियोग दर्ज कर 13 आरोपियों को जेल भेजा है।