बदायूं

Budaun News: गांवों में पानी बढ़ा तो खुद तोड़ रहे आशियाने

Connect News 24

गंगा का लगातार बढ़ रहा जलस्तर, घर कट जाने का ग्रामीणों को सता रहा डर

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायू/ उसहैत। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा हैं। हालात यह हैंं कि उसहैत के जटा गांव में लोगों ने खुद अपने आशियानों को ताेड़ना शुरू कर दिया है, लोगाें को डर है कि बाढ़ के साथ उनके घर बह जाएंगे। ऐसे में कम से कम मकान में लगी ईंटें तो उनके काम आ सकेंगी।

नरौरा से पिछले चार दिनों में दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा चुका है। जिसकी वजह से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, हालात यह हैं कि उसहैत क्षेत्र के अहमद नगर बछौरा, बेहटी, कमले नगला, जटा आदि में पानी भरने लगा है। साथ ही गंगा ने गांव में कटान शुरू कर दिया है।

बेहटी गांव के बालकराम सिंह, देव सिंह, मेघनाद सिंह, उर्वेश, रामवीर ने अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। उनका कहना है गंगा में लगातार पानी बढ़ रहा है। जिसकी वजह बाढ़ का पानी उनके घरों से टकरा रहा है। ऐसे में उनके घर पानी में बह जाने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में मजबूरी में मकान को ताेड़ रहे हैं, कम से कम ईटें से हमारे काम आएंगी। जो दोबारा घर बनाने के दौरान काम आ सकेंगी।

तहसीलदार एसके शर्मा के अनुसार क्षेत्र के बेहटी और कमले नगला में पानी भरने लगा है। इसको लेकर ग्रामीणों से गांव छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है। उनके लिए व्यवस्था भी प्रशासनिक स्तर पर कराई गई है।

00

42 गांवों की 25 हजार आबादी बेहाल

बदायूं/ सहसवान। जिले के करीब 42 गांवों में 25 हजार की आबादी बाढ़ के पानी से बेहाल है। कई लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं तो कुछ लोग घरों के बाहर तटबंध पर आकर रह रहे हैं। कई गांवों में नावों के जरिये आवागमन हो रहा है। लोगो के रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गांव में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से भी काफी परेशानी हो रही है।

एक ओर तो गांव के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए तो कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। हालांकि प्रशासन अपनी ओर से ऐसे क्षेत्रों में गांवों पर पूरी निगाह बनाए हुए है।

जिले से होकर निकल रही गंगा और रामगंगा का जलस्तर इन दिनों बहुत तेजी से बढ़ रहा है। जिससे रामगंगा का जलस्तर अभी बढ़ना रुक गया है, लेकिन दातागंज के सकतपुर के हालात अब भी ठीक नहीं है। चाराें और पानी भरा हुआ है। ऐसे में करीब 1200 लोग अभी गांव मेें फंसे हुए हैं। उन्हें तहसील मुख्यालय आने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

इधर सिमरिया, जरतौली और माैसमपुर जाने वाले मुख्य रोड पर पानी भरा है। जिससे लोगों को पानी में होकर निकलना पड़ रहा है। हजरतपुर से गढि़या रंगीन और नगरिया खनू से कूढ़रा मजरा को जाने वाला मार्ग पूरी तरह से डूबा हुआ है। जिसकी वजह से करीब 25 गांवों का आपस में संपर्क टूटा हुआ चल रहा है। जिसकी वजह से 15 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित है।

वहीं सहसवान क्षेत्र के भी हालात ठीक नहीं है। परशुराम नगला, खागी नगला, वीर सहाय नगला, भमरौलिया में पानी भर गया है। जिससे करीब तीन हजार लोग प्रभावित है। उसहैत के गांव जटा, बेहटी, कमले नगला तथा कादरचौक के गांव तेलिया नगला, खुड़वारा समेत करीब एक दर्जन गांवों में भी पानी भरा हुआ है।

साथ ही दातागंज के सकतपुर, सिमरिया, जरतौली, मौसमपुर आदि गांव टापू के रूप में दिख रहे हैं। करीब तीन दर्जन गांवों का मुख्य रास्ते पर पानी भर गया है। जिससे करीब 25 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। सबसे ज्यादा हालात सहसवान तहसील के गांव के हैं।

कई स्थानों पर की गई है ठहरने की व्यवस्था

-सहसवान क्षेत्र में बाढ़ आने से प्रभावित गांव के लोगों को रुकने के लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठौलिया पुख्ता में व्यवस्था की है, लेकिन अभी लोग वहां पर रुकने की जगह गंगा-महावा तटबंध पर तिरपाल डालकर ठहरे हैं। इधर उसहैत में लालोमई गांव के बरातघर, पंचायतघर और परिषदीय स्कूल में रुकने की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में लगाए स्वास्थ्य शिविर

बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बाढ़ प्रभावित गांवों वीर सहाय नगला, जटर, कटरा सहादतगंज आदि में शिविर लगाए गए हैं। साथ ही लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाओं का वितरण किया गया है। सीएमओ ने स्वास्थ्य टीम को निर्देशित किया है कि वह गांवों में लगातार कैंप करे। जिससे लोगो को कोई बीमारी न होने पाए। अगर किसी का स्वास्थ्य खराब है तो उसे पास के पीएचसी, सीएचसी पर भेजें या फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाए। संवाद

गांव में बढ़ने लगा बाढ़ का पानी, प्रशासन खाली करवा रहा गांव

बदायूं/ उसहैत। कमले नगला और बेहटी नगला गांव में लगातार बाढ़ का पानी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में प्रशासन ने इन दाेनों गांवोें को खाली कराना शुरू कर दिया है। अब तक दोनों गांव के 130 परिवारों ने गांव से अपना सामान पंचायत घर, बरातघर में रख लिया है। इधर, जटा में कई दिनों से बाढ़ का पानी भर हुआ है, हालांकि ग्रामीण गांव खाली नहीं कर रहे हैं।

पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में होने वाली बारिश की वजह से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगा के खतरे का निशान कछला में 162 मीटर पर है, लेकिन मंगलवार को कछला में जलस्तर 162.870 मीटरगेज पर दर्ज किया गया है। ऐसे मेंं गंगा खतरे के निशान से .870 मीटर ऊपर बह रही है। जिसकी वजह से उसहैत क्षेत्र के बहेटी व कमेला नगला आदि में बाढ़ का पानी तेजी से घुस रहा है और कटान शुरू कर दिया है।

इसको ध्यान में हुए प्रशासन ने उनको गांव खाली करने के लिए बोला है। जिसके बाद गांव वालों के लिए प्रशासन द्वारा ललोमई गांव के पंचायतघर, बरातघर और सरकारी स्कूल में रुकने की व्यवस्था की गई है। जिसके बाद में बेहटी और कमले नगला के लोगाें ने वहां पर अपना सामान रखना शुरू कर दिया है। अब तक 130 परिवारों ने अपना सामान प्रशासन की तय की गई जगहों पर पहुंचा दिया है।

वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बेहटी और कमले नगला के लोगाें ने सामान तो रख दिया, लेकिन खुद अभी गांव में ही रह रहे हैं। इधर जटा में भी कई दिनों से पानी भरा हुआ है, लेकिन ग्रामीण अभी गांव नहीं छाेड़ रहे हैं।

रविवार को बैराजों से छोड़ा गया पानी

-नरौरा से 213749 क्यूसेक

-बिजनौर 138588 क्यूसेक

-हरिद्वार से 176318 क्यूसेक

– गंगा के खतरे का निशान-162 मीटरगेज पर

– गंगा बह रही 162.870 मीटरगेज पर

बेहटी गांव में घर के पास में बढ़ रहा बाढ़ का पानी

बेहटी गांव में घर के पास में बढ़ रहा बाढ़ का पानी

बेहटी गांव में घर के पास में बढ़ रहा बाढ़ का पानी

बेहटी गांव में घर के पास में बढ़ रहा बाढ़ का पानी

बेहटी गांव में घर के पास में बढ़ रहा बाढ़ का पानी

बेहटी गांव में घर के पास में बढ़ रहा बाढ़ का पानी

बेहटी गांव में घर के पास में बढ़ रहा बाढ़ का पानी

बेहटी गांव में घर के पास में बढ़ रहा बाढ़ का पानी


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button