Budaun News: प्रेस्टीज ग्रीन इंडिया के निदेशक और प्रबंधक समेत 13 पर एफआईआर
– खेड़ा बुजुर्ग के नसीर अहमद ने दायर किया था परिवाद, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला
– हजारों लोगों का रुपया गबन करके बंद कर दी गई कंपनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में हजारों लोगों के रुपये गबन करने के मामले में चर्चित रही प्रेस्टीज ग्रीन इंडिया कंपनी के निदेशक और प्रबंधक पर एक और एफआईआर दर्ज हुई है। इसमें कंपनी से जुड़े 13 लोगों को नामजद किया गया है।
शहर के खेड़ा बुजुर्ग निवासी नसीर अहमद ने सभी लोगों के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर कराया था। उनका आरोप था कि कंपनी के पदाधिकारियों ने हजारों लोगों का रुपया जमा लिया और उनका भुगतान नहीं कराया। बाद में कंपनी ही बंद कर दी गई। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने एफआईआर के आदेश दिए। जिस पर सिविल लाइंस पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर इसकी विवेचना शुरू कर दी है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के खेड़ा बुजुर्ग निवासी नसीर अहमद का कहना है कि बिल्सी रोड पर बदरपुर गांव के नजदीक प्रेस्टीज ग्रीन इंडिया इन्फ्रासॉल्यूशन लिमिटेड नाम से एक चिटफंड कंपनी खोली गई थी। इसके पदाधिकारियों पूर्व चेयरमैन ध्रुव प्रताप सिंह उर्फ धर्मपाल, एजेंट निशा सिंह उर्फ भावना पत्नी ध्रुव प्रताप सिंह, चेयरमैन यशवंत सिंह, एजेंट अंजलि पत्नी यशवंत सिंह, निदेशक अंगप्रताप सिंह, एजेंट सुभाष, एजेंट प्रिया सिंह पत्नी अंगप्रताप सिंह, एजेंट वीरप्रताप सिंह, सतेंद्र सिंह, गिरीश पुरी, तिलक सिंह, सत्यपाल शर्मा और नरेंद्र पाल सिंह ने जिले के हजारों लोगों को एजेंट व निवेशक बनाया।
उसमें नसीर अहमद, रामऔतार, नंदकिशोर, मोहम्मद कासिम, कफील अहमद, राजू, मोमीन सैफी, ताहिर अली, राजू गोस्वामी, योगेंद्र पाल और लाजवती समेत हजारों लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया। सभी निवेशकों को धन दोगुना करने का लालच दिया गया। इससे वह कंपनी में रुपये जमा करते रहे। जब पांच साल बाद रुपया लौटाने का समय आया तो उनका एक भी रुपया नहीं दिया गया। उनके रुपयों से जगह-जगह प्लॉट और जमीन खरीदी गई। बाद में घाटा दिखाकर कंपनी बंद कर दी गई।
जब इसके बारे में निवेशकों को जानकारी हुई तो उन्होंने काफी धक्का लगा। उन्हें काफी नुकसान हुआ। तब से सभी निवेशक और एजेंट कंपनी के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग करते आ रहे हैं। अब तक कंपनी से जुड़े लोगों के खिलाफ कई मामले दर्ज हो चुके हैं। नसीर अहमद ने भी न्यायालय के आदेश पर सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।