Bareilly News: हायर सेंटर ले जाने के बजाय प्रसूता को लाए घर, तीनों नवजात की मौत
बिशारतगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां पर शनिवार को एक महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया। बच्चों का वजन कम था। डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। जिला अस्पताल जाने के बजाय परिजन प्रसूता और नवजात को लेकर घर चले गए। दो घंटे बाद तीनों बच्चों की मौत हो गई।
मझगवां गांव निवासी सोनू कश्यप की शादी एक साल पहले हुई थी। पत्नी सुमन गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर सोनू पत्नी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। शनिवार सुबह सुमन ने दो बेटियां और एक बेटे को जन्म दिया। जन्म के समय तीनों का वजन कम था।
अस्पताल के डॉक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन जच्चा-बच्चा को घर लेकर चले गए। दोपहर 12 बजे के समय तीनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। सोनू ने बताया कि उसकी आर्थिक हालत ठीक नही है। तंगी के चलते वह बच्चों को बरेली लेकर नही जा पाया।
मझगवां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. वैभव राठौर ने बताया के जन्म के समय बच्चे का वजन ढाई किलो से कम नहीं होना चाहिए। इससे कम वजन के बच्चों को लो बर्थ वेट माना जाता है। ऐसे बच्चों को एसएनसीयू में रखा जाता है। सुमन के तीनों बच्चों का वजन 600 से 700 ग्राम के बीच का था।
अल्ट्रासाउंड में बताए दो, जन्म लिया तीन बच्चों ने
मझगवां गांव की आशा वर्कर ममता यादव ने बताया कि सुमन का 27 जून को अल्ट्रासांउड कराया गया था। जो रिपोर्ट मिली उसमें गर्भ में दो बच्चे होने की बात कही गई थी। जबकि, महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया। वहीं, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. वैभव राठौर का कहना है कि महिला ने गर्भाधारण के तीन महीने बाद अल्ट्रासाउंड कराया। इसके बाद सीएचसी पर जांच कराई थी। दोबारा अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ।



