Rampur News: हेपेटाइटिस-सी के नए मरीजों का पंजीकरण बंद
रामपुर। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी के नए मरीजों का पंजीकरण बंद कर दिया गया है। इसके लिए वहां नोटिस चस्पा किया गया है। एक जुलाई के बाद से कोई पंजीकरण नहीं हुआ है। इसका कारण शासन से दवा न मिलना बताया जा रहा है।
जिले भर में हेपेटाइटिस बी और सी के तकरीबन 300 मरीज जिला अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। इनके लिए यहां पर प्रतिमाह नि:शुल्क दवा दी जाती है। पिछले कुछ दिनों से शासन से दवा की आपूर्ति नहीं की जा रही है। जिला अस्पताल में दवा का जो स्टाॅक है, उसी में पंजीकृत मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जा रही है। लिहाजा, अस्पताल में हेपेटाइटिस सी के नए पंजीकरण बंद कर दिए गए हैं। एक जुलाई के बाद से अस्पताल में हेपेटाइटिस सी बीमारी का कोई नया पंजीकरण नहीं हुआ है। ऐसे में हेपेटाइटिस सी के मरीजों की परेशानी बढ़ी है। हालांकि, हेपेटाइटिस-बी के मरीजों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
हर दिन पांच से 10 मरीज पहुंचते हैं जिला अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग हेपेटाइटिस बी व सी की दवा जिले में केवल जिला अस्पताल पर उपलब्ध कराता है। मरीज को यह दवा नि:शुल्क मिलती है। निजी अस्पतालों में प्रतिमाह पांच से छह हजार रुपये दवा के लिए खर्च करने पड़ते हैं। जिला अस्पताल में हर रोज पांच से 10 मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल में पहुंचते हैं। पंजीकरण न होने पर वापस लौट रहे हैं।
टांडा और स्वार में सर्वाधिक मरीज
हेपेटाइटिस बी व सी के सर्वाधिक मरीज स्वार व टांडा क्षेत्र के हैं। दोनों क्षेत्रों में बीमारी से संक्रमित मरीजों की संख्या तकरीबन दो सौ के आसपास है। कुछ शहर व अन्य क्षेत्रों के मरीज हैं।
मेरठ में होती है वायरल लोड की जांच
जिले में मरीजों के हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच के लिए सुविधा नहीं है। जिला अस्पताल से मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है।
बोले सीएमएस