मनमानी: अब सुभाषनगर में काटा केबल, 16 घंटे ठप रही बिजली
बरेली। निजी संचार कंपनी के कर्मचारियों ने सुभाषनगर में पटेल विहार कॉलोनी के पास रविवार को आधी रात 11 केवी लाइन का केबल काट दिया। इससे बीडीए टू फीडर के ढाई हजार से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों की आपूर्ति ठप हो गई। दस हजार से अधिक लोगों की नींद उड़ गई। घरों में लगे सबमर्सिबल पंप न चल पाने की वजह से लोग सोमवार को दिन भर पानी के लिए तरस गए। फ्रीज बंद हो गए। खाद्य पदार्थ खराब हो गए। उपभोक्ता जेई से लेकर एक्सईएन तक को फोन करते रहे लेकिन यह पता नहीं चला कि बिजली कब आएगी। आपूर्ति रविवार रात दो बजे से सोमवार शाम आठ बजे तक ठप रही।
निजी संचार कंपनी के कर्मचारी और मजदूर लाइन बिछाने के लिए रविवार को रात में मशीन से खोदाई करा रहे थे। इस दौरान केबल कट गया। हद तो ये हुई कि केबल कटने के बाद कर्मचारी गड्ढे को भरकर मौके से भाग गए। आपूर्ति बंद होने के बाद रात में तीन बजे कर्मचारी फाॅल्ट तलाशने निकले तो मौके पर मशीन खड़ी मिली। माजरा समझ में आ गया कि यहीं पर कुछ हुआ है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अमित आनंद ने कहा कि निजी कंपनी के जिम्मेदार अफसरों ने पहले से बात की होती तो वे बता सकते थे कि केबल कहां है। मशीन के बजाय मजदूरों से खोदाई कराई गई होती तो केबल सुरक्षित बच सकता था।
फाल्ट लोकेटर नहीं, इसलिए हुई देरी
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के पास अपना फाॅल्ट लोकेटर नहीं है। नगर निगम से स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से जो फाॅल्ट लोकेटर मिलना था, वह अभी तक नहीं मिल सका। जब भी कहीं कोई फाॅल्ट होता हो तो लोेकेटर किराये पर मंगाना पड़ता है। सुभाषनगर के फाॅल्ट को ठीक कराने के लिए बरेली में कोई लोकेटर नहीं मिला तो लखनऊ की एक कंपनी को फोन किया गया। शाहजहांपुर में लोकेटर था। आने में तीन घंटे लगे। सोमवार दोपहर 12 बजे लोकेटर आया तब फाॅल्ट तीन बजे मिला। इसे ठीक करने में भी समय लगा। नगर निगम से फाॅल्ट लोकेटर मिल गया होता तो आपूर्ति सुचारु बनाए रखने में मदद मिलती।
कोट-
केबल कटने से आपूर्ति ठप हुई है। इसके लिए निजी कंपनी जिम्मेदार है। उसके खिलाफ एफआईआर कराने व केबल की कीमत वसूलने के आदेश मैंने अधिशासी अभियंता को दिए हैं। -राजीव कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता


