शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: किसानों ने फसल बीमा योजना से मुंह मोड़ा

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Farmers turned away from crop insurance scheme

फसल बीमा की खबर में, राजबीर ग्राम पैलानी। संवाद

जानकारी के अभाव और लाभ प्राप्त करने के लिए कठिन नियमों के कारण विमुख हुए कृषक

संवाद न्यूज एजेंसी

शाहजहांपुर। जानकारी के अभाव और लाभ प्राप्त करने के लिए कंपनी के कठिन नियमों के कारण किसान फसल बीमा से मुंह मोड़ रहे हैं। संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारियों का बीमा संबंधित जानकारी काश्तकार को नहीं बता पाना तो कृषि विभाग का ढुलमुल रवैया इसकी मुख्य वजह बना हुआ है।

किसानों की फसल के नुकसान की स्थिति में भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को शुरू की गई। प्रक्रिया बहुत आसान है। किसान को रबी या खरीफ की फसल में सिर्फ एक बार लागत का एक से डेढ़ प्रतिशत रकम प्रीमियम के रूप में देनी पड़ती है। इसके बाद किसान का किसी आपदा की वजह से नुकसान होता तो किसान को केंद्र और राज्य के अंश के साथ संबंधित बीमा कंपनी फसल के नुकसान की भरपाई करती है।

प्रचार-प्रसार का अभाव

फसल बीमा के बारे में न तो संबंधित बीमा कंपनी प्रचार-प्रसार करती हैं और न ही कृषि विभाग इसमें योगदान करता हैं। कृषि विभाग का दावा है कि कृषि मेले, गोष्ठी और रैली के माध्यम से किसानों को फसल बीमा के लिए जागरूक किया जाता हैं। हालांकि यह सब कागजों तक ही सीमित रह जाता है। किसानों को फसल बीमा के बारे में जानकारी नहीं हो पाती है। कुछ जागरूक किसान ही नुकसान के डर की वजह से फसल का बीमा कराते हैं। इनका प्रतिशत बहुत कम हैं। नुकसान की आशंका सबसे अधिक खरीफ की फसलों में रहती हैं। इस दौरान बाढ़ और सूखे का खतरा रहता है।

एक-दो फीसदी किसान ही कराते हैं फसल बीमा

जिले में 4,09,052 किसान कृषि विभाग में पंजीकृत हैं। हालत यह है कि एक या दो प्रतिशत किसान ही फसल बीमा कराते हैं। बाकी अधिकतर किसानों को जानकारी ही नहीं होती हैं। जिसकी वजह से वह फसल बीमा योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं।

पिछले तीन सालों की स्थिति

वर्ष 2020 में खरीफ की फसल का 9374 किसानों ने फसल बीमा कराया, जिसमें 61 किसानों को लाभ मिला, वहीं वर्ष 2020-2021 में रबी फसल में 5053 किसानों ने फसल बीमा कराया, जिसमें 149 किसानों को लाभ मिला। खरीफ वर्ष 2021 में 5321 किसानों ने बीमा कराया, जिसमें से 755 किसानों को लाभ मिला। रबी वर्ष 2121-22 में 4308 किसानों ने फसल बीमा कराया, जिसमें से 291 को लाभ मिला। खरीफ वर्ष 2022 में 5313 किसानों ने बीमा कराया, जिसमें से 915 किसानों को लाभ मिला। रबी वर्ष 2022-23 में 5062 किसानों ने फसल बीमा कराया, जिसमें 183 किसानों को लाभ मिला। खरीफ वर्ष 2023 अब तक 2028 किसानों ने बीमा का आवेदन किया हैं। आवेदन 10 अगस्त होने हैं। इस बार सबसे कम किसानों की संख्या हैं।

किसानों ने कहा-नहीं जानते फसलों का भी होता है बीमा

10 बीघा खेती है। जिसमें गन्ना, बाजरा और उर्द की फसल बोई थी। लगभग 20 दिन से बाढ़ में फसल डूबी रहने की वजह से नष्ट हो गई। फसल बीमा की कोई जानकारी नहीं थी।

– राजवीर, ग्राम पैलानी,

सात बीघा गन्ना बोया था। गन्ना तैयार हो गया था। बाढ़ आने की वजह से गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। अगर जानकारी होती तो फसल का बीमा करा लेते।

– रमेश, गांव बटन नगला

बाढ़ आने की वजह से 25 बीघा फसल नष्ट हो गई। इससे पहले भी बाढ़ में कई बार फसल नष्ट हो चुकी हैं। आज तक किसी ने फसल बीमा की जानकारी नहीं दी।

– संतोष सिंह, भरतपुर

25 बीघा खेती में फसल बोई थी। बाढ़ की चपेट में आकर सारी फसल नष्ट हो गई। पता ही नहीं था कि फसल का भी बीमा होता हैं। करा लेते तो रोटी का संकट खड़ा नहीं होता।

-मंजू, भरतपुर

बीमा कंपनी के कर्मचारी इस ओर अधिक ध्यान नहीं देते हैं। किसानों को जागरूक करने के लिए विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जाते हैं। इसके बाद भी किसान फसल बीमा कराने को तैयार नहीं होते हैं। जिसकी वजह से किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है।

– धीरेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक

फसल बीमा की खबर में, राजबीर ग्राम पैलानी। संवाद

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