Bareilly News: आठ वर्ष से दबाए बैठे ऑडिट रिपोर्ट, नहीं हुई वसूली
बरेली। ग्राम पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार को अफसर आठ वर्ष साल से दबाए बैठै हैं। न तो जिम्मेदारों से वसूली हुई और न ही कोई और कार्रवाई। ऑडिट टीम की तमाम संस्तुतियां भी ठंडे बस्ते में हैं। अब विधानसभा की कमेटी ने वर्ष 2015-16 की ऑडिट आपत्तियों पर अधिकारियों को रिकाॅर्ड के साथ लखनऊ तलब किया है।
वर्ष 2015-16 में ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों का ऑडिट हुआ तो तमाम भ्रष्टाचार सामने आए। वित्तीय अनियमितता सामने आने पर ऑडिट टीम ने रिकवरी निकाली। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, 25 ग्राम पंचायतों में एक करोड़ से अधिक का गबन हुआ। इससे जुड़ी 26 ऑडिट आपत्तियां निस्तारित नहीं हुईं। कार्रवाई के दायरे में आए ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों से वसूली भी नहीं हो सकी। जिला पंचायत राज अधिकारी धर्मेद्र कुमार ने बताया कि संबंधित कर्मियों को बार-बार नोटिस दिए गए हैं। कुछ कर्मचारियों ने जवाब दिए हैं। उन्हें जिला लेखा परीक्षा अधिकारी के पास भेजा है। जो जवाब नहीं दे रहे हैं, उनके मामले अलग-अलग श्रेणी के हैं। उन पर विभागीय कार्रवाई चल रही है।
जवाब नहीं दे रहे कर्मचारी, अधिकारी चुप
ग्राम पंचायतों का ऑडिट कर रहे लेखा परीक्षा विभाग के रिकाॅर्ड बताते हैं कि ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी ऑडिट आपत्तियों का जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझते। यही वजह है कि 2010-11 से लेकर 2022-23 तक की तमाम ऑडिट आपत्तियों के प्रकरण लंबित हैं।उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत नियमावली के नियम 256 के मुताबिक किसी भी ऑडिट आपत्ति का जवाब अधिकतम 60 दिन में देना अनिवार्य है। इसका पालन नहीं हो रहा है। न ही इस नियम के उल्लंघन पर जिम्मेदार अफसर कोई कार्रवाई कर रहे हैं। प्रकरण लंबित हैं और हिसाब किताब का मिलान भी नहीं हो रहा है। गबन सामने हैं और जिम्मेदार चुप्पी साधे हैं।
जानिए ऑडिट टीम को कहां कितना गबन मिला
ग्राम पंचायत वित्तीय वर्ष गबन की धनराशि
कुंवरपुर तुलसी पट्टी 2017-18 13,79,919
करुआ साहबगंज 2017-18 95,4695
बउआबाजार 2017-18 7,96,972
सूरजपुर परोरिया 2017-18 9,63,751
सूरजपुर परोरिया 2018- 19 11,08,585
मल्लहपुर 2019- 20 2,06,617
भगवानपुर धीमरी 2019- 20 9,90,425
केसरपुर 2019- 20 37,69,081



