Rampur News: प्रधानाध्यापिका का निलंबन एकतरफा, एनजीओ को बचाने का आरोप
रामपुर। मिलक के खाता नगरिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम में छिपकली मिलने के प्रकरण में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका के निलंबन और खाना बनाने वाली संस्था को महज नोटिस की कार्रवाई गले नहीं उतर रही है। प्रधानाध्यापिका शकुंतला के निलंबन के विरोध में शिक्षक संगठन उतर आए हैं। शिक्षक संगठनों ने खंड शिक्षा अधिकारी की जांच आख्या पर सवाल उठाते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी ने जिस कंटेनर को विद्यालय का बताया है, वह एमडीएम बनाने वाली संस्था का है। इस प्रकरण में एनजीओ को महज नोटिस और प्रधानाध्यापिका के निलंबन की कार्रवाई किस आधार पर की गई है। आरोप है कि विभाग एनजीओ को बचाने में लगा हुआ है।
बीती 10 अगस्त को मिलक ब्लाॅक के उच्च प्राथमिक विद्यालय खाता नगरिया में खाना खाते वक्त विद्यालय में पढ़ने वाली एक बच्ची की थाली में छिपकली मिली थी। जिसके बाद मिलक के खंड शिक्षा अधिकारी अशोेक कुमार की जांच आख्या के आधार पर बीएसए ने प्रधानाध्यापिका शकुंतला को निलंबित करते हुए विद्यालय स्टाफ का वेतन रोक दिया है। जबकि खाना बनाने वाली स्वयंसेवी संस्था सर्वोदय सेवा संस्थान सोसाइटी घेर कलंदर खां रामपुर को नोटिस देकर जवाब मांगा है। विभाग की ओर से हुई इस कार्रवाई पर विद्यालय के शिक्षक और शिक्षक संगठन विरोध में हैं। उन्होंने इसे एकतरफा कार्रवाई बताकर विरोध जताया। शनिवार को मिलक के ब्लॉक संसाधन केंद्र पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी और तमाम शिक्षकों ने पहुंचकर नाराजगी जाहिर की। शिक्षकों का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को जो जांच आख्या सौंपी है उसमें एमडीएम बनाने वाली संस्था का बचाव किया गया है। दाल में छिपकली मिलने वाले कंटेनर को विद्यालय का बताया है। जबकि विद्यालय में मिले दोनों कंटेनर संबंधित संस्था के थे।
खंड शिक्षा अधिकारी की जांच आख्या
जांच आख्या में खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार ने बताया है कि विद्यालय में एक कंटेनर से दाल खत्म होने के बाद दूसरे कंटेनर से दाल परोसी जा रही थी। दूसरे कंटेनर में छिपकली का मरा हुआ बच्चा निकला है। इससे स्प्ष्ट होता है कि छिपकली विद्यालय परिसर में ही एनजीओ के कंटेनर से विद्यालय के कंटेनर में दाल परोसते वक्त गिरी है अथवा विद्यालय के कंटेनर में पहले से मौजूद होगी औ गर्म दाल पड़ने पर उसमें मर गई हो। उन्होंने जांच आख्या में संस्था व विद्यालय स्टाफ दोनों को दोषी मानते हुए लापरवाही को उजागर किया है।
बोले शिक्षक संगठन
प्रधानाध्यापिका के निलंबन को वापस लेने की मांग कर रहे शिक्षक संगठनों का कहना है विद्यालय में एमडीएम संस्था की ओर से शाहबाद से बनकर आता है। बृहस्पतिवार को दाल दो कंटेनर में विद्यालय में आई थी। दोनों कंटेनर संबंधित खाना बनाने वाली संस्था के थे। विद्यालय में पहले से कोई कंटेनर मौजूद नहीं था। इसमें समस्त लापरवाही संस्था की है। खंड शिक्षा अधिकारी की जांच आख्या में कंटेनर विद्यालय का दिखाया है, जो गलत है।
विद्यालय के एमडीएम में छिपकली मिलने का प्रकरण गंभीर है। इसमें खाना बनाने वाली संस्था और विद्यालय स्टाफ दोनों की संपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए लापरवाही में प्रधानध्यापिका को निलंबित कर दिया है। एनजीओ के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है।
संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपुर
फिलहाल अवकाश पर हूं। वापस लौटकर पता करवाता हूं। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
नंद किशोर कलाल, मुख्य विकास अधिकारी रामपुर