Bareilly News: शाही की शांति का था शव… 55 दिनों में हत्यारों की चौथी शिकार
बरेली। फतेहगंज पश्चिमी इलाके में पनवड़िया के जंगल में महिला की हत्या कर फेंके गए शव की शिनाख्त शाही थाना क्षेत्र के गांव मुबारकपुर निवासी शांति देवी (57) के रूप में हुई। पहचान के लिए 72 घंटे तक इंतजार के बाद सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया। गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। शव अज्ञात में अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से थोड़ी देर पहले ही उनके बेटों ने पहुंचकर पहचान की। 55 दिनों में शाही की चौथी महिला को शिकार बनाया गया।
शांति देवी के बेटे प्रशांत ने बताया कि वह चार भाई हैं। इनमें वह और दुर्गाप्रसाद चंडीगढ़ में रहते हैं। तोताराम और राजकुमार गांव में पिता पूरनलाल के साथ रहते हैं। मां शांति देवी की ननिहाल रैपुरा गांव में है। वहां मां की ममेरी भाभी का स्वास्थ्य खराब था। उन्हें देखने के लिए आठ अगस्त की सुबह भाई राजकुमार बाइक से मां को लालकुंआ चौराहे पर छोड़कर आ गया। वहां से मां को टेंपो या ई रिक्शा से फतेहगंज पश्चिमी और वहां से रैपुरा जाना था। मां ने तीन दिन में लौटकर आने की बात कही थी।
मां न तो रैपुरा पहुंचीं और न ही घर लौटकर आईं। मां के पास मोबाइल नहीं रहता था। राजकुमार की पत्नी सोमवती ने शनिवार को रिश्तेदारों को कॉल करके मां के आने के बारे में पूछा तो उन्होंने वहां आने से ही इन्कार कर दिया। इसके बाद परिजन घबराए और लोगों को सूचना दी। वह रविवार को चंडीगढ़ से लौटे और शाही थाने जाकर मां की गुमशुदगी की तहरीर दी। पुलिस ने तलाश करने की बात कहकर भेज दिया।
मीडिया के जरिये उन्हें फतेहगंज पश्चिमी में शव मिलने की जानकारी हुई तो सोमवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहां पहचान के बाद शव हासिल किया। प्रशांत ने बताया कि उन लोगों की किसी से कोई रंजिश नहीं है। घटना को लेकर वह लोग अनभिज्ञ हैं। पुलिस को ही सच का पता लगाना चाहिए।
– महिला शांति देवी के शव की पहचान हो गई है। इसमें हत्यारोपी का पता लगाकर पुलिस कार्रवाई करेगी। – राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक किसी शव को कम से कम 72 घंटे पहचान के लिए रखा जाता है। शांति का शव जिस हालत में मिला, उससे तत्काल पोस्टमार्टम के बाद पहचान की गुंजाइश खत्म हो जाती। इसलिए डॉक्टरों ने तीन दिन इंतजार के बाद पोस्टमार्टम किया। एक दिन और शव रखा गया। सोमवार को संस्था के लोगों को सूचना दे दी गई थी। पुलिस की मदद से अज्ञात के तौर पर अंतिम संस्कार की तैयारी थी। इस बीच परिजनों ने शव की पहचान कर ली।



