Shahjahanpur News: बगावत से जूझ रही भाजपा के लिए कब्जा बरकरार रखना बड़ी चुनौती

जलालबाद स्थित भगवान परशुराम मन्दिर।संवाद
जलालाबाद। नगर पालिका परिषद चुनाव में इस बार बदले राजनीति परिदृश्य में अध्यक्ष पद फिर से हासिल करना भाजपा के लिए चुनौती बना हुआ है। पार्टी प्रत्याशी को विपक्षियों की चुनावी चालों का काट ढूंढने के साथ ही भितरघात से भी जूझना पड़ रहा है। भाजपा के निवर्तमान चेयरमैन मनेंद्र गुप्ता बागी प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। इधर, पार्टी प्रत्याशी मनमोहन द्विवेदी के स्वजातीय और चार बार चेयरमैन रहे संजय पाठक की निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मौजूदगी भी भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है।
अनारक्षित जलालाबाद नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के लिए 18 प्रत्याशी मैदान में हैं। पिछले चुनाव में यह सीट भाजपा प्रत्याशी मनेंद्र गुप्ता ने निर्दलीय प्रत्याशी शकील अहमद को मामूली अंतर से हराकर जीती थी। सपा के टिकट पर लड़े संजय पाठक तीसरे नंबर पर रहे थे। टिकट बंटवारे के बाद इस बार का चुनावी परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। शकील अहमद इस बार जहां सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं वहीं भाजपा से टिकट कटने से नाराज मनेंद्र गुप्ता निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने इस बार नए चेहरे पर दांव लगाते हुए मनमोहन द्विवेदी को प्रत्याशी बनाया है। किसी दल से टिकट न मिलने पर संजय पाठक भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। (संवाद)
जातिगत आंकड़े (अनुमानित)
कुल मतदाता – 33169
मुस्लिम – आठ हजार
वैश्य – सात हजार
ब्राह्मण – चार हजार
क्षत्रिय – एक हजार
अनुसूचित जाति- दो हजार
पिछड़ा वर्ग – आठ हजार
अन्य – तीन हजार
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी
1. मनमोहन द्विवेदी- भाजपा
2. शकील अहमद -सपा
3. मो. तारिक- बसपा
4. आलोक शर्मा- कांग्रेस
5. प्रेमप्रकाश वाल्मीकि- आप
6. अल्लानूर- राष्ट्रीय समाज पक्ष
7. वीरेंद्र कुशवाहा- आजाद समाज पार्टी
8. अशित पाठक- निर्दलीय
9. इमरान- निर्दलीय
10. ममता- निर्दलीय
11. मुकेश- निर्दलीय
12. मनेंद्र बाबू- निर्दलीय
13. हाफिज खान- निर्दलीय
14. राकेश चंद्र- निर्दलीय
15. मो. शरीफ- निर्दलीय
16. शिवेंद्र- निर्दलीय
17. संजय कुमार पाठक- निर्दलीय
18. संजय गुप्ता- निर्दलीय
यह भी जानें
मतदाताओं की संख्या – 33169
पुरुष मतदाता – 17527
महिला मतदाता- 15642
पालिका की वार्षिक आय- करीब 12 करोड़
ओवरहेड टैंक -04
मकानों की संख्या – करीब 40 हजार
आबादी – 38209 (वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार)
पिछड़ा और अनुसूचित जाति के लिए कभी आरक्षित नहीं रही सीट
वर्ष 1975 में नगर पालिका बनने के बाद से यहां अध्यक्ष पद की सीट पिछड़ा वर्ग या अनुसूचित जाति के लिए कभी आरक्षित नहीं हुई है। वर्ष 2000 में सामान्य जाति महिला के लिए आरक्षित होने पर यहां से संजय पाठक की पत्नी ममता पाठक ने चुनाव जीता था। इससे पहले महिला के लिए आरक्षित न होने के बाद भी वर्ष 1974 में यहां से मिथिलेश गुप्ता चेयरमैन बनी थीं। उस दौरान यहां नगर पंचायत थी और उन्हीं के कार्यकाल में इसे नगर पालिका का दर्जा मिला था। पालिका बनने के बाद 1988 में हुए चुनाव में कमला निवास शास्त्री चेयरमैन बने थे। टिकट न मिलने पर शास्त्री भाजपा से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते थे। हालांकि उन्हें अविश्वास प्रस्ताव के चलते पद से हाथ धोना पड़ा था।
प्रमुख समस्याएं
नगर की प्रमुख समस्याओं में से एक पीने के स्वच्छ पानी की कमी है। नगर के कई मोहल्ले ऐसे हैं जहां पालिका द्वारा दी जाने वाली पानी की सप्लाई नहीं पहुंचती है। दूसरी दिक्कत जाम की गिरफ्त में रहने वाली नगर की वह प्रमुख सड़कें हैं जहां हर समय लोगों का आना-जाना रहता है। गली-मोहल्लों में बड़ी तादाद में घूमने वाले निराश्रित पशु भी बड़ी समस्या बने हुए हैं। जो हादसे के सबब बनने के अलावा कई बार इनके हमलों से लोग घायल हो चुके हैं।
भगवान परशुराम की जन्मस्थली है जलालाबाद
जलालाबाद की नगरी को भगवान परशुराम की जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है। पिछले साल 28 अप्रैल को मंदिर प्रांगण में आयोजित हुई सभा में प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना व लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद की मौजूदगी में आमजन की भावनाओं को देखते हुए इस नगर को भगवान परशुराम की जन्मस्थली घोषित करते हुए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का वादा किया था। इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने को पर्यटक विभाग द्वारा 87 करोड़ की धनराशि का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।



