Pilibhit News: छुट्टा पशुओं से हो रहे हादसे, चार माह में छह लोगों की मौत

शहर के छतरी चौराहे के पास डिबाइडर के पास बैठा छुटटा पशु । संवाद
पीलीभीत। छुट्टा पशुओं के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार छुट्टा पशुओं को गोआश्रय स्थलोंं में नहीं भेज पा रहे हैं। जिले के सभी प्रमुख मार्गों, यहां तक कि हाईवे पर भी पशुओं के झुंड बैठे देखे जा सकते हैं। हजारों की संख्या में छुट्टा पशु शहर से लेकर गांवों तक सड़कों पर विचरण कर रहे हैं। विभागीय आंकड़ों की मानें तो जिले में महज 1000-1200 ही जानवर छुट्टा बचे हैं। बाकी को संरक्षित कर लिया गया है।
रात में हाईवे समेत तमाम सड़कों पर छुट्टा पशु खड़े रहते है। अंधेरा होने के कारण पशु दिखते नहीं हैं। एकाएक वाहन के सामने आ जाने से पशु से टकराकर हादसे हो जाते हैं। कई लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में 13 अगस्त को सांड से टकराकर बीसलपुर के एक युवक की मौत हो गई थी। घटनाएं बढ़ने से लोगों में आक्रोश है, लेकिन जिम्मेदार अफसर खामोश हैं। जिले के बीसलपुर, पूरनपुर, अमरिया, टनकपुर मार्ग पर छुट्टा पशु रात के अंधेरे में लोगों के लिए हादसे का सबब बनते जा रहे हैं।
ये हैं विभागीय आंकड़े
जिले में कुल 56 गोआश्रय स्थल है। इनमें कुल 3499 पशुओं को संरक्षित किया गया है। इनमें से 10 गोआश्रय स्थल नवीन हैं। इनमें तहसील अमरिया के गूलरबोझ, पूरनपुर की जलेश्वर उर्फ जगतपुर और कलीनगर के ककरौआ देवीपुर स्थित गोआश्रय स्थल में अब तक पशुओं को संरक्षित नहीं किया गया है। शेष सात नवीन गोआश्रय स्थल में लगभग 139 पशुओं को संरक्षित किया गया है।
चार माह में सात लोग गंवा चुके हैं जान
– 24 मई को बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव अखौली निवासी 73 वर्षीय सावित्री देवी पत्नी लल्लन बाबू पूजा के लिए फूल लेने जा रही थीं। इसी दौरान छुट्टा पशु ने उन पर हमला कर दिया। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
– 29 मई की शाम सुनगढ़ी क्षेत्र के मोहल्ला कालामंदिर निवासी 24 वर्षीय बंटी पुत्र सुरेश शाम आठ बजे माधोटांडा रोड पर बाइक से गया था। सांड़ से टकरा जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
– 30 मई को पूरनपुर क्षेत्र के मोहल्ला बांसी वाली गौंटिया निवासी 42 वर्षीय दिलशाद शहर से खेल-तमाशा दिखाने के बाद घर जा रहा था। गजरौला के पास कैंच मोड़ के निकट उनकी बाइक सांड़ से टकरा गई। हादसे में उनकी मौत हो गई।
– 15 जून को शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव बिलगवां निवासी 26 वर्षीय यशपाल शहर से डीजल लेने आ रहे थे। डीएम आवास के पास सामने पशु आ जाने से उनकी बाइक टकरा गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
– 24 जून को बरखेड़ा क्षेत्र के गांव खमरिया पंडरी निवासी नन्नू लाल खेत पर जा रहे थे। इसी दौरान उन पर सांड़ ने हमला कर दिया। इसमें उनकी मौत हो गई।
– 13 अगस्त को बीसलपुर क्षेत्र के मोहल्ला रामनगर कॉलोनी के रहने वाले 27 वर्षीय नितिन सिंह चौहान रिश्तेदारी में अंत्येष्टि में शामिल होकर वापस आ रहे थे। बीसलपुर पहुंचने पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के निकट सांड़ से उनकी बाइक टकरा गई। नितिन की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनका साथी विक्की गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गया।
वर्जन:
सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को संरक्षित किया जा रहा है। कुछ गो आश्रय स्थलों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को पकड़कर संरक्षित कराया जा रहा है। – अरविंद गर्ग, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी।

शहर के छतरी चौराहे के पास डिबाइडर के पास बैठा छुटटा पशु । संवाद

