Bareilly News: आज भी आकाश में चमकता है ध्रुव तारा
बरेली। सन सिटी के शिव मंदिर में चल रही भागवत कथा में वृंदावन से आए कथाव्यास नारायण प्रपन्नाचार्य महाराज ने जड़भरत, ध्रुव चरित्र व नरसिंह भगवान की कथा सुनाई।
महाराज ने बताया कि जड़भरत वन में चले गए थे। उन्हें हिरन से प्रेम हो गया। इस कारण उनका जन्म हिरन के रूप में हुआ। ध्रुव भगवान के भक्त थे। उन्होंने छह साल तपस्या की। भगवान ने उन्हें अजर-अमर बना दिया। आज भी आकाश में ध्रुव तारा दिखाई देता है। कथाव्यास ने कहा कि हिरण्यकश्यप का बेटा प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था। हिरण्यकश्यप लोगों से कहता था मुझे भगवान मानो, लोग परेशान थे। तभी भगवान ने नरसिंह का अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध कर दिया।
महाराज ने बताया कि दक्षिण में बाबा रंगनाथ जी का मंदिर अनादि काल से है। उनका दर्शन आवश्यक करना चाहिए। शाम को दो पहर मिलते हुए खाना, सोना व पढ़ना नहीं चाहिए। इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। कथा में विजय कुमार वैश्य, प्रमोद कुमार वैश्य, अशोक कुमार वैश्य, उमेश चंद्र सक्सेना, अनूप कपूर, सर्वेश अग्रवाल, विशेष कमल कपूर, वीसी चतुर्वेदी, अनिल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।



