Bareilly News: अस्पताल में रहीं प्रधान, सचिव निकालते रहे भुगतान
बरेली। बिथरी ब्लॉक के गांव केसरपुर के तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव विपिन पांडेय ने विकास कार्यों के लिए आवंटित 7.76 लाख रुपये हड़प लिए। जांच में पता लगा कि ग्राम प्रधान अस्पताल में भर्ती थीं। उनसे डोंगल (डिजिटल सिग्नेचर/डीएमसी) हासिल करके सचिव भुगतान निकालते रहे। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है। अब सचिव से वसूली की तैयारी की जा रही है।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी मदन मोहन शर्मा की शिकायत पर डीपीआरओ ने जांच की तो पता लगा कि केसरपुर ग्राम पंचायत की प्रधान चंद्रवती 21 सितंबर 2020 को गंभीर रूप से बीमार हुईं और मृत्यु होने तक विभिन्न अस्पतालों में भर्ती रहीं। इस दौरान वे डोंगल को लेकर ग्राम सचिवालय तक जाने जाने की स्थिति में नहीं थीं। ऐसे में ग्राम पंचायत सचिव उनके डोंगल का इस्तेमाल कर भुगतान निकालते रहे। जांच अधिकारी ने इन भुगतानों से संबंधित अभिलेख मांगे तो सचिव बिल-बाउचर नहीं दे सके। इसलिए निकाली गई रकम को गबन माना गया है। प्रधान के पति मनोज कुमार ने जांच अधिकारी को बताया कि जब ग्राम प्रधान अस्पताल में भर्ती थीं, उनकी डोंगल ग्राम पंचायत सचिव के पास थी। इसका दुरुपयोग करते हुए उन्होंने धनराशि निकाली थी।
ये हुई गड़बड़ी
अभिलेखों के मुताबिक प्रधान चंद्रवती 22 सितंबर 2020 से 12 अक्तूबर 2020 तक आईएलबीएस अस्पताल नई दिल्ली में, 13 अक्तूबर 2020 से 22 अक्तूबर 2020 तक यशोदा अस्पताल गाजियाबाद में व 22 अक्तूबर 2020 से नौ नवंबर 2020 तक सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद में भर्ती रहीं। इस दौरान भुगतान निकलते रहे।
सचिव पर पहले से दर्ज है एफआईआर
सचिव विपिन पांडेय ने पत्नी के नाम पर फर्म बनाकर पिता को प्रोपराइटर बनाया और भुगतान निकाले गए। जांच में पुष्टि होने के बाद उनके खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। यह प्रकरण अभी विवेचनाधीन है।
घपलेबाजी में फंसे ग्राम सचिव, वसूली होगी
भुता ब्लॉक के दौलतपुर करैना के तत्कालीन सचिव कागजों पर विकास कार्य दिखाकर भुगतान हड़प गए। जांच अधिकारी ने 3,41,551 रुपये वसूली की संस्तुति कर दी। अब डीपीआरओ ने वसूली के लिए आदेश जारी किया है। गांव के गुड्डू सिंह ने 27 जनवरी को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता ने जांच की तो पता चला कि इंटरलॉकिंग कराए बगैर 2,49,019 रुपये निकाल लिए गए। सीसी रोड अधूरी छोड़ने पर 92,523 रुपये की वसूली की संस्तुति की गई। खंड विकास अधिकारी के माध्यम से वसूली का नोटिस तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अभय कुमार आर्या को भेजा गया है।
ग्रामीणों ने सीडीओ से की ग्राम प्रधान की शिकायतफोटो
भदपुरा ब्लॉक के जगराजपुर के ग्रामीणों ने सीडीओ से मिलकर ग्राम प्रधान के खिलाफ शिकायती पत्र दिया है। शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में धांधली करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत घर ऐसा बनवाया गया है जो कभी भी गिर सकता है। सार्वजनिक शौचालय की गुणवत्ता ठीक नहीं है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे।


