Rampur News: जमानत के लिए सेशन कोर्ट में पहुंचा जेल में बंद हेड कांस्टेबल
रामपुर। शहर के चर्चित यतीमखाना मामले में जेल में बंद शाहजहांपुर में तैनात हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह चौहान ने रिहाई के लिए सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। कोर्ट ने मामले में हेड कांस्टेबल का आपराधिक रिकार्ड तलब किया है। मामले की सुनवाई छह सितंबर को होगी।शहर कोतवाली क्षेत्र में सपा शासन में यतीमखाना की बस्ती को खाली कराया गया था। जिसको लेकर 2019 में भाजपा सरकार ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकरण में 12 मुकदमे दर्ज हुए थे। इन मुकदमों में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, रिटायर्ड सीओ आले हसन समेत कई को नामजद थे। यह सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट की ओर से पिछले दिनों मामले के आरोपी शाहजहांपुर में तैनात हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र चौहान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था, जिसके बाद धर्मेंद्र ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में सरेंडर किया था।
कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए जेल भेज दिया था। मामले में हेड कांस्टेबल ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए एमपी-एमलए (सेशन ट्रायल) कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया, जिस पर सुनवाई करते हुए हेड कांस्टेबल का आपराधिक रिकार्ड तलब किया है। मामले में छह सितंबर को सुनवाई होगी। दूसरी ओर जेल में बंद हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कोर्ट में पेश हुआ, जहां से कोर्ट ने यतीमखाना प्रकरण की पत्रावली को सेशन कोर्ट में भेजने के आदेश दिए। मामले की सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
डूंगरपुर प्रकरण में इंस्पेक्टर ने दी गवाही
रामपुर। शहर के चर्चित डूंगरपुर के एक मामले में विवेचक इंस्पेक्ट धर्मेंद्र सिंह सोलंकी ने अपने बयान दर्ज कराए। मामले में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के अधिवक्ता ने उनसे बहस की, जो पूरी नहीं हो सकी। मामले की अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी।
गंज थाने में 2019 में डूंगरपुर बस्ती को खाली कराए जाने के नाम पर लूटपाट करने, मारपीट करने समेत अन्य गंभीर धाराओं में 12 मुकदमे दर्ज हुए थे। इन मामलों में सपा नेता आजम खां, सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां समेत कई को आरोपी बनाया था। सभी मामले में एमपीएमएलए ( सेशन ट्रायल) कोर्ट में विचाराधीन हैं। इस तरह के एक मामले में शनिवार को इस मामले के विवेचक धर्मेंद्र सिंह सोलंकी ने कोर्ट में पहुंचकर बयान दर्ज कराए। बयान दर्ज होने के बाद सपा के वरिष्ठ नेता के अधिवक्ता की ओर से बहस की गई, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी।