Shahjahanpur News: जलालाबाद पालिका बोर्ड की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ी

बैठक में सीट से उठाकर हंगामा करते सभासद
– विधायक के समझाने पर तय हुआ कि सभासद अपने लेटर पैड पर लिखकर देंगे कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। विधायक हरिप्रकाश वर्मा की मौजूदगी में हुई पालिका बोर्ड की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। सभासदों की नाराजगी और विरोध के चलते पेयजल, बिजली व सफाई व्यवस्था आदि से जुड़े कुछ प्रस्तावों को छोड़कर कोई प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। हंगामे के बीच बैठक छोड़कर जा रहे करीब एक दर्जन सभासद विधायक के समझाने पर माने।
जिसके बाद बैठक के एजेंडे से अलग वार्ड सभासदों द्वारा रखी गईं समस्याओं को सुना गया। इस दौरान वार्ड सुभाषनगर के सभासद के पति मनोज वाल्मीकि और ईओ एचएन उपाध्याय के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
ज्यादातर वार्ड सभासद अपने कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की कार्यशैली से नाराज थे। इसको लेकर लगभग एक दर्जन से ज्यादा सभासदों ने रविवार को ही बैठक करके तय कर लिया था कि सोमवार को होने वाली बैठक में कोई प्रस्ताव पारित नहीं होने दिया जाएगा। सोमवार को चेयरमैन शकील अहमद और विधायक हरिप्रकाश वर्मा के पहुंचने के बाद बैठक की कार्यवाही शुरू हुई और जल व भवन कर पुनर्निर्धारण संबंधी प्रस्ताव पटल पर रखा गया।
वार्ड गोपालनगर के सभासद अजय गुप्ता ने जैसे ही इसका विरोध शुरू किया कि उनके समर्थन में अन्य सभासदों ने यह कहते हुए विरोध शुरू कर दिया कि पहले उन लोगों की समस्याओं का निराकरण हो। बताया कि कई कई बार कहने के बाद भी पालिका कर्मचारी सभासदों के कार्य नहीं करते, पालिका में उन लोगों को बैठने के लिए कोई जगह मुकर्रर नहीं है, वार्ड में होने वाले कार्य उन लोगों की बिना सहमति के कराए जाते है।
इसके अलावा सभासद कई अन्य समस्याएं रखते हुए उनका निराकरण कराने की मांग करते हुए शोरशराबा करने लगे। इस दौरान पालिका लिपिक नितिन शर्मा की कार्यशैली को लेकर सबसे ज्यादा विरोध हुआ। विधायक ने ईओ से नितिन शर्मा का पटल अविलंब बदले जाने और दोबारा शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहकर सभासदों को शांत किया।
विधायक के समझाने पर तय हुआ कि सभासद अपने लेटर पैड पर कार्य लिखकर देंगे, संबंधित बाबू कार्य हुआ या नहीं इसकी लिखित जानकारी सभासदों को देगा। वार्ड में होने वाले कार्यों की जानकारी सभासद को दी जाएगी। चेयरमैन ने भी सभासदों की ओर से रखी गई समस्याओं का हरसंभव निराकरण कराने के निर्देश ईओ को दिए। बैठक में नगर का नाम परशुरामपुरी रखे जाने के अलावा नगर में पेयजल व बिजली की व्यवस्था दुरुस्त किये जाने संबंधी प्रस्ताव पारित हुए।

