Budaun News: स्कूल को मनीष ने बना दिया हाईटेक

छात्रों को विज्ञान के प्रयोग कराते शिक्षक मनीष। संवाद
बदायूं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर तो सभी जानते हैं लेकिन कुछ शिक्षकों ने न केवल स्कूलों की दशा बदल दी बल्कि सामुदायिक सहयोग से संसाधन जुटाने में कसर नहीं छोड़ी। मनीष कुमार ऐसे ही एक शिक्षक हैं, जिन्हें मंगलवार को लखनऊ में राज्य शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
उझानी ब्लॉक क्षेत्र के गांव दहेमू स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के रूप में तैनात मनीष ने 2016 में नियुक्ति के साथ ही बदलाव की मुहिम शुरू की। उनके प्रयासों का ही नतीजा था कि स्कूल आधुनिक संसाधनों से परिपूर्ण हुआ और शैक्षिक गुणवत्ता में भी वृद्धि हुई। अब स्कूल में आईकार्ड समेत कंंप्यूटर प्रिंटेड रिजल्ट प्रदान किया जाता है। आकर्षक वाल पेंटिंग, विद्यालय का हरा भरा प्रांगण, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास बच्चों को आकर्षित करते है। मनीष अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता प्रेमचंद्र पाल को देते हैं और पत्नी नीलम को प्रेरणास्रोत बताते हैं। नीलम इस समय प्राथमिक विद्यालय मौजमपुर में सहायक अध्यापक के रूप में तैनात हैं।
मिल चुके हैं कई सम्मान
– मनीष को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी नवाचारी शिक्षक के रूप में सम्मानित कर चुकी है। शैक्षिक संस्था विद्याभारती ने उन्हें मानव शिल्पी सम्मान दिया । उन्हें डायट में अभिनव पर्व पर तीन श्रेणियों (नवाचार, टीएलएम, आईसीटी) में सम्मानित किया गया। जनपद स्तरीय आईसीटी प्रतियोगिता में वे प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके हैं।
कटरी का कान्वेंट बनाया प्रवीण ने
बदायूं। उच्च प्राथमिक विद्यालय गंगपुर पुख्ता के शिक्षक प्रवीण ने छात्रों की मेधा को इस कदर संवारा कि उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उन्होंने आर्थिक रूप से पिछड़े गांव में स्थित विद्यालय में छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई। उनके प्रयास का नतीजा रहा कि गत वर्ष विद्यालय के पांच छात्रों ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृति परीक्षा उत्तीर्ण की। इस वर्ष चार छात्र इस परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठ योजना में भी यहां के दो छात्रों ने सफलता अर्जित की है। उनके प्रयासों के चलते ही इस विद्यालय को कटरी का कान्वेंट कहा जाने लगा है।
इकबाल भी सुधार रहे शिक्षा का स्तर
सहसवान के उच्च प्राथमिक विद्यालय हरदतपुर में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापक इकबाल अहमद ने सामुदायिक सहभागिता से हैंडवॉश स्थल, कंप्यूटर, टीवी आदि लगवाए। उन्होंने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के तर्ज पर ‘कौन बनेगा सैकड़ापति’ कार्यक्रम संचालित किया। इसमें प्रति प्रश्न उत्तर देने पर बच्चे को 10 रुपये दिए जाते हैं। इधर, कादरचौक के कंपोजिट विद्यालय मामूरगंज में तैनात शिक्षक जकीर अली खान ने बताया कि 2015 में स्कूल में 353 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। अब स्कूल में 471 छात्र-छात्राएं हैं। छात्र-छात्राओं को बेहतर ज्ञान मिल सके, इसके लिए उन्होंने विद्यालय में प्रोजेक्टर, लाइब्रेरी, म्यूजिक सिस्टम लगवाया।

छात्रों को विज्ञान के प्रयोग कराते शिक्षक मनीष। संवाद

छात्रों को विज्ञान के प्रयोग कराते शिक्षक मनीष। संवाद

छात्रों को विज्ञान के प्रयोग कराते शिक्षक मनीष। संवाद


