Bareilly News: उड़ता बरेली… माधोबाड़ी से गंगापुर तक हर गली में नशेड़ी
बरेली। उड़ता पंजाब… वर्ष 2016 में रिलीज हुई यह फिल्म वहां नशाखोरी के हालात को बयां करती है। इस समय कुछ ऐसा ही हाल बरेली का हो गया है। हाल के दिनों में शहर स्मैक की मंडी बनकर उभरा है। दूसरी ओर, बारादरी और प्रेमनगर थाना क्षेत्र की हर गली में आपको नशेड़ी झूम रहे हैं। सड़क किनारे बैठे ये नशेबाज खुलेआम खुद को व दूसरे साथियों को नशे के इंजेक्शन लगा रहे हैं। स्मैक तो ये कहीं भी बैठकर पी लेते हैं। न तो इनको पुलिस टोकती है, न ही दूसरे विभाग। इनको नशीले इंजेक्शन कहां से मिलते हैं, यह भी बड़ा सवाल है।
बारादरी के गंगापुर और प्रेमनगर थाना क्षेत्र के माधोबाड़ी इलाके में अमर उजाला की टीम ने इसकी पड़ताल की तो सड़क किनारे ही स्मैकिये और नशेड़ी बैठे मिले। एक बंद दुकान के बाहर गलियारे में चार युवक मैले-कुचैले कपड़ों में बैठे थे। इनके दो साथी चबूतरे के नीचे खड़े थे। चबूतरे पर बैठे साथी कचरा जलाकर एक शीशी को गर्म कर रहे थे। कैमरा देखकर वे चौंके जरूर पर दुनिया से बेखबर ये लोग फिर अपने काम में लग गए। शीशी में गर्म द्रव्य खौलकर झाग देने लगा तो पहले से इस्तेमाल हो रही सीरिंज को उसमें डुबोकर इन्होंने पहले एक साथी के हाथ की नस में इंजेक्शन लगाया। दोबारा शीशी में मौजूद द्रव्य को सिरिंज में भरकर दूसरे साथी ने खुद ही अपने हाथ में ठोंक लिया।
सौ रुपये की खरीदते हैं 23 रुपये वाली शीशी
नशेड़ियों की कमजोरी का लाभ दूसरे लोग भी उठा रहे हैं। दो-तीन मेडिकल स्टोर से नशेड़ी एविल की लिक्विड शीशी खरीदते हैं। नशेड़ियों के पास मौजूद इस शीशी को देखा तो उस पर कीमत 22 रुपये कुछ पैसे पड़ी थी। नशेड़ियों के मुताबिक उन लोगों को मेडिकल स्टोर वाले यह शीशी सौ रुपये में बेचते हैं। दूसरे मेडिकल स्टोर पर जाने पर इसकी खरीद के बारे में सवालों का जवाब देना पड़ता है पर स्थानीय मेडिकल स्टोर वाले कभी सवाल नहीं करते।
वर्जन
– शोभायात्रा और उर्स के बाद पुलिस नशा विरोधी अभियान पर काम करेगी। गंगापुर व माधोबाड़ी जैसी बस्तियों में लोगों को नशे का संसाधन उपलब्ध कराने वालों की धरपकड़ की जाएगी। – राहुल भाटी, एसपी सिटी



