Rampur News: ड्राइविंग लाइसेंस में खेल, जुुगाड़ वाले पास बाकी फेल
रामपुर। परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में खेल चल रहा है। यहां ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक न होने के बावजूद लाइसेंस बन रहे हैं। वहीं ऑनलाइन आवेदन के बाद भी लोगों को लाइसेंस में देरी होती है और आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं जुगाड़ वाले बिना गाड़ी चलाए ही पास हो जाते हैं और जो लोग टेस्ट देने पहुंचते हैं, उनकी ड्राइविंग में कुछ न कुछ कमी बताकर लटका दिया जाता है।परिवहन विभाग के कार्यालय में प्रतिदिन लगभग 40 से 50 लोग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देने पहुंचते हैं। नियम यह है कि डीएल जारी करने के पहले आरआई (संभागीय निरीक्षक) ड्राइविंग टेस्ट लेते हैं। टेस्ट पास करने वालों को ही लाइसेंस जारी होता है। हालांकि, रामपुर में डीएल जारी करने में खेल हो रहा है। यहां जुगाड़ वाले लोगों को बिना टेस्ट दिए ही लाइसेंस मिल जाता है, वहीं जो लोग नियम-कायदे के साथ टेस्ट देने पहुंचते हैं, उन्हें कोई न कोई बहाने से फेल कर दिया जात है।
रामपुर में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक भी नहीं है। यहां खुले मैदान में गाड़ियां चलवाकर देखी जाती हैं। उसमे भी खेल कर दिया जाता है। ऑनलाइन लाइसेंस बनवाना भी अब लोगों को मुश्किल हो रहा है। लाइसेंस बनवाने के लिए लोग वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं। सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब टेस्ट की बारी आती है तो उन्हें लटका दिया जाता है। ऐसे में लोगों को मजबूर होगा दलालों का सहारा लेना पड़ता है।
500-600 लाइसेंस बनते हैं रोजाना
रामपुर। परिवहन विभाग में रोजाना 300-600 लाइसेंस बनवाने के लिए लोग आते हैं। आवेदन के बाद पहले लर्निंग लाइसेंस बनता है, उसके बाद स्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए परीक्षण होता है कि आवेदक को गाड़ी चलानी आती है कि नहीं। इसके लिए प्रत्येक जगह आठ के अंक के आकार का ट्रैक बनाया जाता है।
बिना ट्रैक एक साल में बन गए 23 हजार लाइसेंस
परिवहन विभाग रामपुर में अगर एक साल के भीतर ही बात करें तो यहां 23 हजार के करीब लाइसेंस बन चुके हैं। जबकि रामपुर में निर्धारित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक भी नहीं है। ऐसे में लाइसेंस पाने वाले लोगों में कौन गाड़ी चलाना जानता है, कौन नहीं। यह भगवान भरोसे है।
क्या कहते हैं लोग
ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन जब टेस्ट के लिए जा रहे हैं तो दिक्कत आ रही है। हर बार लटका दिया जाता है। सबकुछ ऑनलाइन होने की बात सिर्फ दिखावा है। कहीं भी पारदर्शिता नहीं है।
-विनय
रामपुर में टेस्टिंग ट्रैक नहीं है, जिसके चलते दिक्कत आ रही है। टेस्ट देने आओ तो फेल कर दिया जाता है। दलाओं का सहारा लेकर ही यहां लाइसेंस बनता है।
-दिनेश
वर्जन :
डीएल की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद लाइसेंस की एक तिथि होती है, जिस पर टेस्ट होता है। टेस्ट के पास होने के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाता है।
-राजेश श्रीवास्तव, एआरटीओ, रामपुर