Shahjahanpur News: बंडा में बुखार से बच्ची की मौत, 1927 जांच में मलेरिया के छह रोगी मिले

राजकीय मेडिकल कॉलेज के परिसर में नालियों में भरा गंदा पानी, जहां मच्छर पनप रहे हैं।
शाहजहांपुर। वायरल बुखार और मलेरिया का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को बंडा के चिकटिया गांव में ननिहाल में आई दो साल की बच्ची की बुखार से मौत हो गई। इसके अतिरिक्त सीएचसी पर आए बुखार के रोगियों की जांच की गई। 1927 जांचों में मलेरिया के छह और चार टायफाइड के रोगी मिले हैं।
निगोही के ग्राम परसोना निवासी बबलू सिंह की पत्नी अंजलि अपनी दो साल की बेटी कंचन के साथ अपने मायके बंडा के गांव चिकटिया में आई थी। बुधवार शाम को बच्ची की तबीयत अचानक खराब हो जाने पर उपचार के लिए निजी क्लीनिक ले जाया गया। जहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जहां उसकी मौत हो गई। शुरुआत में बच्ची के गले में सूजन की बात सामने आने पर परिजन डिप्थीरिया जैसे लक्षण होने की बात बता रहे थे। बंडा सीएचसी के प्रभारी डॉ.वीके वर्मा के पास सूचना आने पर गांव में सर्वे कराया गया। एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि डिप्थीरिया से किसी बच्ची की मौत नहीं हुई है।
मलेरिया के छह और टायफाइड के चार रोगी मिले, बढ़ाई गई सतर्कता
शाहजहांपुर। सीएचसी-पीएचसी पर सीएमओ के निर्देश पर सतर्कता बढ़ा दी गई। शुक्रवार को जिले में 6786 मरीजों का उपचार किया गया, साथ ही उन्हें दवा का वितरण भी किया। शुक्रवार को लैब से 1927 मरीजों की जांच की गई। इसमें छह मरीज मलेरिया से पीड़ित मिले, साथ ही चार टायफाइड के रोगी मिले हैं। सीएमओ डॉ.आरके गौतम ने बताया कि सीएचसी पर 129 रोगी भर्ती थे, जिसमें 21 को रेफर किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.एसपी गंगवार ने बताया कि मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। संवाद
ट्रॉमा सेंटर में दिखा सुधार, नालियों में बजबजा रही थी गंदगी
राजकीय मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की भीड़ खत्म नहीं हुई, पर सुधार नजर आया। एक-एक बेड पर भर्ती दो या तीन मरीजों की समस्या खत्म हो गई। एक बेड पर मरीज व साफ चादर पर मरीजों को लिटाया गया था। वहीं दूसरी ओर अस्पताल की ओपीडी में 1853 मरीजों ने अपना पर्चा बनवाया। शुक्रवार को पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर के चैंबर तक मरीजों की लाइन लगी रही। दवा लेने के लिए भी काफी दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ा। अहम बात यह है कि मरीजों को स्वच्छता का संदेश देने वाले अस्पताल परिसर की नालियां साफ नहीं हैं। उसमें मच्छर पनप रहे हैं।