Bareilly News: रागी, सांवा, कोदो के साथ लहलहाएगी रोजगार की फसल
बरेली। मोटे अनाज के नाम पर जिले में ज्वार-बाजरा की खेती होती है। अब रागी, सांवा और कोदो के साथ रोजगार की फसल भी लहलहाएगी। मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना तैयार की गई है। इनका सीड बैंक बनेगा। मोटे अनाज से फास्ट फूड और नूडल्स, बिस्किट और अन्य बेकरी उत्पाद तैयार करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगाने के लिए सरकार ऋण मुहैया कराएगी। एक यूनिट की स्थापना पर लागत का 50 फीसदी या अधिकतम 47.5 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि मिलेट्स पुनरुद्धार योजना के तहत आउटलेट खोलने पर अधिकतम 10 लख रुपये तथा मिलेट्स का स्टोर खोलने पर अधिकतम 20 लाख रुपये तक का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) को सीड मनी रिवॉल्विंग फंड के रूप में चार लाख रुपये दिए जाने की भी योजना है। जिन उद्यमियों के पास सीड प्रोसेसिंग यूनिट है, उनको ही यह फंड दिया जाएगा। मोटे अनाज पैदा करने के लिए रागी की 555 मिनी किट में 19.50 क्विंटल बीज का वितरण किया गया है। सावां का 4.30 क्विंटल व कोदो का तीन क्विंटल बीज वितरित किया गया है।
एक-एक हजार क्विंटल रागी और सावां पैदा होने के आसार
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक जिले में रागी, कोदो, सावां का उत्पादन शून्य है। बीज वितरण के बाद अब रागी व सांवा का 1,000-1,000 क्विंटल उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, 2500 क्विंटल बाजरा तथा 80,000 क्विंटल ज्वार के उत्पादन की संभावना है।
3,846 रुपये प्रति क्विंटल है रागी समर्थन मूल्य
सरकार ने रागी के लिए 3,846 रुपये, ज्वार के लिए 3,225 व बाजरा के लिए 2,500 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया है। सावां का कोई समर्थन मूल्य घोषित नहीं है।


