Shahjahanpur News: प्रणाम काकोरी में अमर शहीदों की शहादत ने नम कीं आंखें
शाहजहांपुर। मंथन आर्ट्स सोसायटी की ओर से गांधी भवन प्रेक्षागृह में नाटक प्रणाम काकोरी का मंचन किया गया। इसके माध्यम से सन 1924 से 1927 तक की वीरगाथा को दिखाया गया। नाटक दिवंगत रंगकर्मी अमन राजवंशी को समर्पित किया गया।
लेखक महेश सक्सेना द्वारा लिखित व भारतेन्दु नाट्य अकादमी लखनऊ से प्रशिक्षित शिवा सक्सेना के निर्देशन में नाटक में दिखाया गया कि शाहजहांपुर के रहने वाले मुरलीधर दुबे के बेटे पंडित रामप्रसाद बिस्मिल 9 अगस्त 1925 को चंद्रशेखर आजाद सहित अपने नौ साथियों के साथ सहारनपुर लखनऊ पैसेंजर पर शाहजहांपुर से सवार हुए। काकोरी में ट्रेन से ब्रिटिश सरकार का सारा खजाना लूट लिया। घटनास्थल से मिली एक चादर के आधार पर क्रांतिकारियों की शिनाख्त हुई। इनमें से चार को ब्रिटिश सरकार के खिलाफ राजद्रोह के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई। बिस्मिल को गोरखपुर जेल, अशफाक उल्ला खां को फैजाबाद, रोशन सिंह को नैनी सेंट्रल जेल, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को गोंडा जेल में एक ही दिन और एक ही समय पर फांसी हुई। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने सभी की आंखों को नम कर दिया। इससे पहले नाटक का उद्घाटन नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने दीप जलाकर किया। नाटक में मोहित कनौजिया, अनमोल सिंह, मोहित वाजपेयी, अंकित अवस्थी, राघवेंद्र सिंह, सुमित सक्सेना, अरशद आजाद, अनूप धवन, पारस दीक्षित, यश देव शर्मा, कुमार कार्तिकेय, ऐश्वर्य कृष्ण मिश्र, शंकर लाल आदि ने किरदार निभाए।